
कृष्ण
दिव्य वंशीधारी, गीता के उपदेशक
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चालीसा
भजन

दर्शन दो घनश्याम नाथ — विरह भजन
प्रार्थना-भजन जो घनश्याम से मुखदर्शन और हृदय-दीप माँगता है — संध्या कीर्तन और जन्माष्टमी पर गाया जाता है।
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गोविन्द जय-जय, गोपाल जय-जय — नाम कीर्तन
क्लासिक नाम-कीर्तन जो गोविन्द, गोपाल और देव-परिवार का जयघोष करता है — नित्य और जन्माष्टमी पर गाया जाता है।
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होली खेल रहे बांकेबिहारी — होली भजन
बांकेबिहारी, राधा और गिरते गुलाल का ब्रज होली गीत — होलिका दहन के बाद और अगली सुबह के रंग तक गाया जाता है।
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जय श्री वल्लभ, जय श्री विट्ठल — श्रीनाथजी भजन
पुष्टिमार्ग कीर्तन जो वल्लभ, विट्ठल, यमुना और श्रीनाथजी का जयघोष करता है — दर्शन और जन्माष्टमी सभा में गाया जाता है।
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नंदभवन में उड़ रही धूल — ब्रज रज भजन
ब्रज गीत जो नंद भवन की धूल को तीन लोक के तीर्थों से अधिक प्रिय मानता है — जन्माष्टमी और संध्या कीर्तन में गाया जाता है।
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पूजा विधि

गोवर्धन पूजा विधि 2026 — अन्नकूट, 10 नवंबर
मंगलवार 10 नवंबर 2026 की गोवर्धन पूजा और अन्नकूट विधि: सात्विक अन्न का पर्वत, कृष्ण, और प्रातः बैठक।
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छोटी दिवाली पूजा विधि 2026 — नरक चतुर्दशी, 7 नवंबर
छोटी दिवाली 2026 शनिवार 7 नवंबर है: सूर्योदय से पहले अभ्यंग स्नान, संध्या दीप, और नरक चतुर्दशी (पश्चिम में काली चौदस)।
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भगवद्गीता पाठ विधि — घर पर कैसे पढ़ें
शांत गीता बैठक के नियम: लकड़ी की चौकी, पूरे अध्याय, व्यर्थ बात नहीं, और अंतिम श्लोक के बाद आरती।
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कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि — अर्धरात्रि गृह पूजा
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की विधि: दिन भर स्मरण, बाल गोपाल का पंचामृत अभिषेक, और निशीत काल में अर्धरात्रि आरती।
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श्रीमद्भगवद्गीता
18 अठारह अध्याय
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