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krishna · mantra

कृष्ण मंत्र

कृष्ण मंत्र — कृष्ण के जप व गृह स्मरण हेतु हिंदी पाठ, कब जपें मार्गदर्शन सहित।

अंतिम अद्यतन: 2026-09-18

krishna की मूर्ति
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

यह मंत्र शांत मन से कृष्ण स्मरण हेतु है। अष्टमी और वैष्णव पर्व पर जपें; उतनी संख्या चुनें जितनी स्पष्ट उच्चारण से निभा सकें। जप ध्यान और भक्ति की साधना है — भौतिक फल का शॉर्टकट नहीं। नए हों तो विश्वसनीय बुजुर्ग या गुरु से ध्वनि सीखें।

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सीधे बैठें, श्वास स्थिर करें, और थोड़े मौन के बाद आरंभ करें। माला हो तो रखें; अन्यथा अंगुलियों पर सावधानी से गिनें।

मंत्र पाठ

ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने ।। प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः।।

कृष्णा मंत्र

जप गणक

कृष्ण मंत्र

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृष्ण मंत्र कब जपें?

अष्टमी और वैष्णव पर्व पर, या नित्य पूजा में आरती से पहले/बाद।

कितनी बार दोहराएँ?

ऐसी स्थिर लघु संख्या चुनें (जैसे ११, २१ या १०८) जिसे ध्यान से, शीघ्रता बिना पूरा कर सकें।

क्या मानसिक जप चल सकता है?

हाँ — एकांत या रोग में उपांशु/मानसिक जप मान्य है; मन नाम पर रखें।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

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