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छोटी दिवाली पूजा विधि 2026 — नरक चतुर्दशी, 7 नवंबर
छोटी दिवाली 2026 शनिवार 7 नवंबर है: सूर्योदय से पहले अभ्यंग स्नान, संध्या दीप, और नरक चतुर्दशी (पश्चिम में काली चौदस)।
अंतिम अद्यतन: 2026-10-28
समय: उषा स्नान, फिर छोटी संध्या बैठक

छोटी दिवाली — उत्तर-पश्चिम में काली चौदस / नरक चतुर्दशी — शनिवार, 7 नवंबर 2026 है। उत्तर भारतीय कैलेंडर 7 तारीख को काली चौदस छापते हैं; कुछ सूची नरक चतुर्दशी को रविवार 8 नवंबर की लक्ष्मी पूजा (तमिल दीपावली) के संग रखती हैं। यह पृष्ठ 7 तारीख की उषा स्नान और संध्या दीप पर है, और भेद कहता है। **दिल्ली 2026 में यम दीपम धनतेरस, 6 नवंबर है** — यम दीपदान →। सूर्योदय 7 नवंबर पंचांग → पर देखें। अगली संध्या: दीपावली लक्ष्मी पूजा →। हब: दीपावली 2026 →।
सामग्री
जो अभी बाकी है वही व्हाट्सऐप जाएगा — जो घर में है उसे टिक करें।
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पूजा के चरण
- 1
सूर्योदय से पहले अभ्यंग स्नान
स्थानीय सूर्योदय से पहले, जैसा घर लगाता है वैसा तेल — तिल तेल या सरल उबटन — फिर स्नान। यही नरक चतुर्दशी स्नान है। नगर का सूर्योदय 7 नवंबर पंचांग → पर है।
- 2
कल की लक्ष्मी बैठक हेतु घर साफ करें
भारी सफाई आज पूरी करें ताकि रविवार संध्या भागदौड़ न बने। कमरे खुले हों तो दीपावली पूजा सामग्री → जुटा लें।
- 3
संध्या दीप
संध्या द्वार पर कुछ दीप जलाएँ। कई उत्तर भारतीय घरों में यह शांत छोटी दिवाली है, दूसरी लक्ष्मी पूजा नहीं। पश्चिम काली चौदस रखे तो संध्या का छोटा काली स्मरण कुल रीति है — नकल किया राष्ट्रीय कर्मकांड नहीं।
- 4
कृष्ण स्मरण
पुराण का ढाँचा नारकासुर पर कृष्ण विजय है। छोटी कृष्ण आरती → पर्याप्त है। श्लोक न गढ़ें। कल: दीपावली पूजा विधि →।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- छोटी दिवाली 2026 कब है?
शनिवार, 7 नवंबर 2026 (नरक चतुर्दशी)। लक्ष्मी पूजा अगली संध्या, रविवार 8 नवंबर। हब छोटी दिवाली → है।
- क्या काली चौदस उसी दिन है?
गुजरात और पश्चिम के बहुत से घरों में हाँ — वही कृष्ण चतुर्दशी काली चौदस है। उत्तर भारतीय घर अधिक छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी कहते हैं। घर की रीति देखें, नकल किया नाम नहीं।
- क्या तेल स्नान सूर्योदय से पहले अनिवार्य है?
यही पारंपरिक घंटा है। शरीर या चिकित्सक सीमा रखें तो उसी सुबह जब बन सके स्नान करें और संध्या दीप रखें। दिन पर स्वास्थ्य अग्रणी है।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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