आरती
स्तुति और दीप आराधना के पवित्र भजन
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बृहस्पति देव आरती
Brihaspati-Dev-Aarti (बृहस्पति देव की आरती)- Brihaspati Dev Aarti in Hindi 'Om Jai Brihaspati Deva': ॐ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा
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धन्वंतरी आरती
श्री भगवान धन्वंतरि आरती (Shri Dhanwantari Aarti)- जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि जी देवा। जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।जय..।।
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गायत्री आरती
Gayatri Mata Aarti | गायत्री माता आरती - आरती श्री गायत्री जी की ज्ञान दीप और श्रद्धा की बाती । सो भक्ति ही पूर्ती करै जहं घी की ॥
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झूलेलाल आरती
shri Jhulelal Aarti (झुलेलाल आरती)- ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा । पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ॥
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कुबेर आरती
श्री कुबेर जी आरती (Shri Kuber Ji Aarti)- ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे , स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे। शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे॥ ऊँ..॥
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नवग्रह आरती
shree Navgrah Aarti (नवग्रह आरती)- आरती श्री नवग्रहों की कीजै । बाध, कष्ट, रोग, हर लीजै ।।
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पार्वती आरती
Parvati Aarti (पार्वती आरती)- जय पार्वती माता ,जय पार्वती माता । ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता ॥ॐ..॥
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साईं आरती
Sai baba aarti (श्री साईं बाबा की आरती) : आरती श्री साई गुरुवर की, परमानन्द सदा सुरवर की ।जाके कृपा विपुल सुखकारी ,दुःख-शोक, संकट भयहारी ॥
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सरस्वती आरती
Saraswati Aarti (सरस्वती आरती)- जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता। सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता ॥ॐ..॥
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शनि देव आरती
Shani Dev Aarti (आरती: श्री शनिदेव जी)- जय जय श्री शनिदेव ,भक्तन हितकारी। सूर्य के पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥
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सीता आरती
Sita Mata Ki Aarti |Aarti Shri Janak Dulari Ki (सीता आरती)- आरति श्रीजनक-दुलारी की। सीताजी रघुबर-प्यारी की।।
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सूर्य आरती
Surya dev aarti lyrics in hindi: सूर्य देव की आरती। जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।त्रिभुवन-तिमिर-निकन्दन, भक्त-हृदय-चन्दन ॥
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तुलसी आरती
Shri Tulsi Aarti | Shri Tulsi Aarti Lyrics In Hindi | जय तुलसी माता, मैय्या जय तुलसी माता।
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विष्णु आरती
Shri Vishnu Aarti (श्री विष्णु आरती )- ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥ॐ..॥
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विश्वकर्मा आरती
Vishwakarma Aarti (विश्वकर्मा जी की आरती)- जय श्री विश्वकर्मा ,प्रभु जय श्री विश्वकर्मा। सकल सृष्टि के कर्ता ,रक्षक स्तुति धर्मा ॥जय..॥
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दुर्गा आरती — जय अम्बे गौरी
देवी अम्बे गौरी की स्तुति में क्लासिक दुर्गा आरती, दुष्टों का संहार करने वाली और आशीर्वाद देने वाली दिव्य माता।
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हनुमान आरती — आरती कीजै हनुमान लला की
भगवान राम के परम भक्त, दुष्टदलन और रक्षक हनुमान की स्तुति में भक्तिपूर्ण आरती।
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कृष्ण आरती — आरती कुंजबिहारी की
वृंदावन में भगवान कृष्ण के दिव्य स्वरूप का वर्णन करने वाली प्रिय कुंजबिहारी आरती।
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लक्ष्मी आरती — ॐ जय लक्ष्मी माता
माता लक्ष्मी की स्तुति में गाई जाने वाली प्रिय आरती, धन, समृद्धि और शुभ आशीर्वाद की दाता।
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राम स्तुति — श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन
तुलसीदास द्वारा रचित क्लासिक राम स्तुति, आरती से पहले या बाद में भक्तिपूर्ण स्तुति के रूप में गाई जाती है।
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शिव आरती — जय शिव ओंकारा
भगवान शिव की स्तुति में क्लासिक आरती, ओंकार स्वरूप त्रिलोकेश्वर की महिमा।
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गणेश आरती — जय गणेश देवा
प्रतिदिन की पूजा और त्योहारों में गाई जाने वाली प्रिय गणेश आरती, विघ्नहर्ता की स्तुति।
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