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krishna · puja-vidhi

भगवद्गीता पाठ विधि — घर पर कैसे पढ़ें

शांत गीता बैठक के नियम: लकड़ी की चौकी, पूरे अध्याय, व्यर्थ बात नहीं, और अंतिम श्लोक के बाद आरती।

अंतिम अद्यतन: 2026-09-14

समय: 30–90 मिनट

पूजा वेदी का चित्र
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

गीता कर्तव्य और आत्मा की संवाद-कथा है। ब्रह्म मुहूर्त प्रिय है। धुले हाथों से ग्रंथ छुएँ। जो अध्याय शुरू करें, उसे पूरा करें।

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पूजा के चरण

  1. 1

    आसन सजाएँ

    निर्धारित आसन पर बैठें। गीता लकड़ी पर रखें, भूमि पर नहीं, और लंबे पाठ में केवल हाथ में न पकड़े रहें।

  2. 2

    गणेश और कृष्ण का स्मरण

    गणेश और कृष्ण को संक्षिप्त नमस्कार बैठक खोलता है। अध्याय समाप्त होने तक अन्न और अनर्गल बात दूर रखें।

  3. 3

    पूर्ण अध्याय पढ़ें

    अध्याय अधूरा न छोड़ें। थकान हो तो जल्दबाजी में तोड़ने से बेहतर है अगले दिन छोटा अध्याय चुनना।

  4. 4

    प्रणाम और आरती से समापन

    ग्रंथ माथे से लगाएँ, गाते हों तो कृष्ण आरती करें, गीता पुनः लपेटें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या प्रत्येक अध्याय का माहात्म्य अनिवार्य है?

समय हो तो शुभ है। श्लोक स्वयं पाठ के हृदय हैं।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

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