मार्च–अप्रैल
राम नवमी

भगवान राम के जन्म का उत्सव — आरती, कथा और धर्म का आदर्श।
राम नवमी अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के जन्म का पर्व है। भक्त हल्का व्रत रखते हैं, रामायण के अंश पढ़ते हैं, और श्रद्धा से राम आरती गाते हैं।
मंदिरों में पालना सजता है और प्रसाद बँटता है; घर पर राम का चित्र, तुलसी और धूप पर्याप्त है। यह दिन सत्य, कर्तव्य और कोमल शक्ति पर चिंतन का निमंत्रण है।
राम का स्मरण अखंडता से जीने का स्मरण है — परिवार, कार्य और अंतर्मन में।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
इस त्योहार के लिए पाठ
पूजा विधि

राम नवमी पूजा विधि — चैत्र शुक्ल नवमी गृह पूजा
मर्यादा पुरुषोत्तम के जन्मोत्सव की विधि: हल्का व्रत, रामायण अंश, राम आरती, और वैकल्पिक मध्याह्न पालना अर्पण।
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अखंड रामायण पाठ विधि — अविरल गृह पाठ
परिवार अखंड रामचरितमानस या रामायण पाठ कैसे रखते हैं: पाली, वेदी नियम, समापन आरती और छोटा हवन।
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सुंदरकाण्ड पाठ विधि — हनुमान के समुद्र-पार की गृह पाठ
वेदी कैसे सजाएँ, मंगलवार या शनिवार कैसे चुनें, हनुमान चालीसा पढ़ें, और शांत संकल्प से घर पर सुंदरकाण्ड का पाठ करें।
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भजन

रघुपति राघव राजाराम — राम धुन
रघुपति और सीताराम की प्रिय राम धुन — प्रातः भ्रमण, राम नवमी और एक नाम चाहने वाली किसी भी बैठक में गाई जाती है।
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राम नाम के हीरे मोती — नाम-जप भजन
चलते-चलते नाम का भजन जो राम और श्याम को गली-गली हीरे-मोती की तरह बिखेरता है — राम नवमी और संध्या सत्संग में गाया जाता है।
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अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं — नाम भजन
अच्युत, केशव, कृष्ण और जानकीवल्लभ का नाम-भजन — राम नवमी, विजयादशमी और सुंदरकाण्ड बैठक में गाया जाता है।
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पायो जी मैंने राम रतन धन पायो — मीराबाई भजन
मीराबाई का भजन उस राम-रत्न धन पर जो खर्च नहीं होता, चोर नहीं लूटता — राम नवमी और संध्या मीरा कीर्तन में गाया जाता है।
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