vishnu · bhajan
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं — नाम भजन
अच्युत, केशव, कृष्ण और जानकीवल्लभ का नाम-भजन — राम नवमी, विजयादशमी और सुंदरकाण्ड बैठक में गाया जाता है।
अंतिम अद्यतन: 2026-09-14

संस्कृत टेक ज्यों की त्यों रखें। हिन्दी पद संवाद हैं; उन्हें केवल जयघोष न बनाएँ।
पाठ के दिनों में यह टेक प्रिय है क्योंकि राम और कृष्ण एक ही दोहे में हैं। सुंदरकाण्ड या राम आरती के बाद अच्युतम केशवं दो बार, फिर एक-एक हिन्दी पद।
भजन के बोल
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं, राम नारायणं जानकी बल्लभम
कौन कहता है भगवान आते नहीं, तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं
कौन कहता है भगवान खाते नहीं, बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं
कौन कहता है भगवान सोते नहीं, माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं
कौन कहता है भगवान नाचते नहीं, गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं
नाम जपते चलो काम करते चलो, हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो
याद आएगी उनको कभी ना कभी, कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- टेक संस्कृत है या हिन्दी?
टेक संस्कृत नाम-पंक्ति है। अर्थ वही रखें: एक ही प्रभु अच्युत, कृष्ण, राम और जानकीवल्लभ कहे जाते हैं।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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