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अखंड रामायण पाठ विधि — अविरल गृह पाठ

परिवार अखंड रामचरितमानस या रामायण पाठ कैसे रखते हैं: पाली, वेदी नियम, समापन आरती और छोटा हवन।

समय: प्रायः 24 घंटे

पूजा वेदी का चित्र
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

अखंड पाठ अविरल वाचन है — प्रायः चौबीस घंटे — विवाह, जन्म, राम नवमी, या संकट से पहले। व्रत नाम की निरंतरता का है, नाटकीय स्वर का नहीं।

सामग्री

  • पाठकों हेतु रामचरितमानस या रामायण
  • राम–सीता–लक्ष्मण–हनुमान वेदी, लाल या पीला वस्त्र
  • अग्नि समापन हो तो घी, कपूर और हवन समिधा
  • स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
  • धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
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पूजा के चरण

  1. 1

    संकल्प और प्रथम पद

    स्वच्छ पाठक-क्रम बनाएँ। दीप जलाएँ, संकल्प लें, और पालियों के बीच पाठ मौन न पड़ने दें।

  2. 2

    वेदी सँभाले रखें

    दीप बना रहे, जल ताजा रहे, बात पाठ कक्ष से बाहर रहे। ग्रंथ के निकट जूते और अशुद्ध हाथ न जाएँ।

  3. 3

    आरती और हवन से समापन

    अंतिम पद के बाद राम आरती करें। घी-समिधा का छोटा हवन हो सकता है। अतिथियों को भोजन कराएँ और प्रसाद बाँटें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छोटा घर क्या छोटा अखंड रख सकता है?
हाँ। चौबीस घंटे भारी हों तो अविरल सुंदरकाण्ड या उषा-से-संध्या बालकाण्ड भी सच्चा व्रत है।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

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