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अखंड रामायण पाठ विधि — अविरल गृह पाठ
परिवार अखंड रामचरितमानस या रामायण पाठ कैसे रखते हैं: पाली, वेदी नियम, समापन आरती और छोटा हवन।
अंतिम अद्यतन: 2026-09-18
समय: प्रायः 24 घंटे

अखंड पाठ अविरल वाचन है — प्रायः चौबीस घंटे — विवाह, जन्म, राम नवमी, या संकट से पहले। व्रत नाम की निरंतरता का है, नाटकीय स्वर का नहीं।
सामग्री
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पूजा के चरण
- 1
संकल्प और प्रथम पद
स्वच्छ पाठक-क्रम बनाएँ। दीप जलाएँ, संकल्प लें, और पालियों के बीच पाठ मौन न पड़ने दें।
- 2
वेदी सँभाले रखें
दीप बना रहे, जल ताजा रहे, बात पाठ कक्ष से बाहर रहे। ग्रंथ के निकट जूते और अशुद्ध हाथ न जाएँ।
- 3
आरती और हवन से समापन
अंतिम पद के बाद राम आरती करें। घी-समिधा का छोटा हवन हो सकता है। अतिथियों को भोजन कराएँ और प्रसाद बाँटें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- छोटा घर क्या छोटा अखंड रख सकता है?
हाँ। चौबीस घंटे भारी हों तो अविरल सुंदरकाण्ड या उषा-से-संध्या बालकाण्ड भी सच्चा व्रत है।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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