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राम नवमी पूजा विधि — चैत्र शुक्ल नवमी गृह पूजा
मर्यादा पुरुषोत्तम के जन्मोत्सव की विधि: हल्का व्रत, रामायण अंश, राम आरती, और वैकल्पिक मध्याह्न पालना अर्पण।
समय: 40–70 मिनट

राम नवमी अयोध्या जन्म का स्मरण है। घर दीप, रामायण का एक पृष्ठ, और कर्तव्य की ओर मुड़ा मन रखते हैं। जन्म बैठक हेतु मध्याह्न प्रिय है।
सामग्री
- राम–सीता–लक्ष्मण–हनुमान चित्र या छोटा पालना
- तुलसी, पीला या पीताम्बर वस्त्र, सात्विक मिष्ठान्न
- स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
- धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
पूजा के चरण
- 1
प्रातः संकल्प
स्नान करें, सकें तो फल व्रत रखें, सरल वेदी सजाएँ। राम के आगे तुलसी और दीप रखें।
- 2
मध्याह्न स्मरण
स्थानीय मध्याह्न में पालना हो तो झुलाएँ, बालकाण्ड अंश पढ़ें, श्री राम जय राम जय जय राम जपें।
- 3
आरती और प्रसाद
राम आरती और संक्षिप्त हनुमान नमस्कार करें। प्रसाद बाँटें। दिन की वाणी जयघोष से अधिक सत्य के निकट रहे।
मंत्र
श्री राम जय राम जय जय राम
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या मंदिर जाना अनिवार्य है?
- संभव हो तो मंदिर सुंदर है। राम नाम की सच्ची गृह बैठक पूर्ण है।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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