ram · bhajan
रघुपति राघव राजाराम — राम धुन
रघुपति और सीताराम की प्रिय राम धुन — प्रातः भ्रमण, राम नवमी और एक नाम चाहने वाली किसी भी बैठक में गाई जाती है।

चलते या बैठे गाएँ। धुन सम रखें। नाम कोमल रहे तो दो पंक्तियाँ पूरी सुबह के लिए पर्याप्त हैं।
इस धुन को अलंकार नहीं चाहिए। राम मंत्र के बाद या राम आरती से पहले पहला दोहा तब तक दोहराएँ जब तक कमरा एक स्वर न हो। मेघश्याम और तुलसी पंक्तियाँ एक बार बाद में आ सकती हैं।
भजन के बोल
रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम
सुंदर विग्रह मेघश्याम, गंगा तुलसी शालग्राम
भद्रगिरीश्वर सीताराम, भगत-जनप्रिय सीताराम
जानकीरमणा सीताराम, जयजय राघव सीताराम
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या राम नवमी पर केवल यही पाठ पर्याप्त है?
- दिन खोल सकता है। समय हो तो राम आरती और रामायण या रामचरितमानस का छोटा पाठ जोड़ें।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
संबंधित लेख

राम स्तुति — श्री रामचन्द्र कृपालु भजुमन
तुलसीदास द्वारा रचित क्लासिक राम स्तुति, आरती से पहले या बाद में भक्तिपूर्ण स्तुति के रूप में गाई जाती है।
और पढ़ें
श्री राम चालीसा
श्री राम चालीसा | Shri Ram-Chalisa | Shri Raghuveer Bhakt Hitkari | श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥
और पढ़ें
राम मंत्र
Shri Ram Mantra: नीलाम्बुज श्यामल कोमलांगम्, सीता समारोपित वामभागम्।
और पढ़ें
राम नवमी पूजा विधि — चैत्र शुक्ल नवमी गृह पूजा
मर्यादा पुरुषोत्तम के जन्मोत्सव की विधि: हल्का व्रत, रामायण अंश, राम आरती, और वैकल्पिक मध्याह्न पालना अर्पण।
और पढ़ें
सीता आरती
Sita Mata Ki Aarti |Aarti Shri Janak Dulari Ki (सीता आरती)- आरति श्रीजनक-दुलारी की। सीताजी रघुबर-प्यारी की।।
और पढ़ें
हनुमान चालीसा
तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान की स्तुति में चालीस छंद, साहस, रक्षा और भक्ति के लिए पाठित।
और पढ़ें
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं — नाम भजन
अच्युत, केशव, कृष्ण और जानकीवल्लभ का नाम-भजन — राम नवमी, विजयादशमी और सुंदरकाण्ड बैठक में गाया जाता है।
और पढ़ें