hanuman · chalisa
हनुमान चालीसा
तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान की स्तुति में चालीस छंद, साहस, रक्षा और भक्ति के लिए पाठित।
अंतिम अद्यतन: 2026-07-26

हनुमान चालीसा प्रतिदिन, विशेषकर मंगलवार और शनिवार को पाठें। पूर्व दिशा या हनुमान की छवि के समक्ष शांत मन से बैठें।
दोहा से आरंभ करें और सभी चालीस चौपाइयों का पाठ करें। अनेक भक्त इसे सुबह और शाम एक-एक बार पाठते हैं।
प्रारंभिक दोहा
श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारि | बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि ||
प्रथम चौपाई
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर | जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ||
राम दूत अतुलित बल धामा | अंजनि पुत्र पवन सुत नामा ||
महावीर विक्रम बजरंगी | कुमति निवार सुमति के संगी ||
कंचन बरन बिराज सुबेसा | कानन कुण्डल कुंचित केसा ||
पूर्ण चालीसा में 40 चौपाइयाँ हैं। यह नमूना प्रारंभिक छंद शामिल करता है। पूर्ण पाठ भविष्य के अपडेट में जोड़ा जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- हनुमान चालीसा कितनी बार पाठनी चाहिए?
नियमित भक्ति के लिए प्रतिदिन एक बार पर्याप्त है। विशेष अवसरों या हनुमान जयंती पर भक्त 7 या 11 बार पाठ सकते हैं।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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