मुख्य सामग्री पर जाएँ

shiva · aarti

शिव आरती — जय शिव ओंकारा

भगवान शिव की स्तुति में क्लासिक आरती, ओंकार स्वरूप त्रिलोकेश्वर की महिमा।

अंतिम अद्यतन: 2026-07-26

ऋषिकेश में भगवान शिव की मूर्ति
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स (भगवान शिव, पुम्दीकोट, नेपाल)

शिव आरती सोमवार, महाशिवरात्रि या दैनिक शिव पूजा के बाद करें। बिल्वपत्र अर्पित करें और कपूर का दीप जलाएँ।

व्हाट्सऐपटेलीग्राम

शिवलिंग या चित्र के समक्ष आरती की थाली लेकर खड़े हों। घंटी बजाएँ और प्रत्येक छंद को श्रद्धा से गाएँ।

आरती के बोल

जय शिव ओंकारा, ॐ जय शिव ओंकारा

ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा

एकानन चतुरानन पंचानन राजे

हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजे

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे

त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी

त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी

श्वेतांबर पीतांबर बाघंबर अंगे

सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूलधारी

सुखकारी दुखहारी जगपालन कारी

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका

प्रणवाक्षर में शोभित ये तीनों एका

लक्ष्मी व सावित्री पार्वती संगा

पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा

पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा

भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा

जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला

शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला

काशी में विराजे विश्वनाथ, नंदी ब्रह्मचारी

नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी

त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोइ नर गावे

कहत शिवानंद स्वामी सुख संपति पावे

व्हाट्सऐपटेलीग्राम

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिव आरती के लिए कौन सा दिन सर्वोत्तम है?

सोमवार शिव पूजा और आरती के लिए विशेष शुभ माना जाता है।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

संबंधित लेख

पूजा वेदी का चित्र
shiva•puja-vidhi

महाशिवरात्रि पूजा विधि — रात्रि शिव आराधना

फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की विधि: चार प्रहर अभिषेक, बेलपत्र, ॐ नमः शिवाय, और शांत जागरण।

और पढ़ें
पूजा वेदी का चित्र
shiva•puja-vidhi

रुद्राभिषेक पूजा विधि — शिवलिंग का अभिषेक

घर पर रुद्राभिषेक कैसे करें: गणेश आरंभ, पंचामृत धारा, बेलपत्र और ॐ नमः शिवाय।

और पढ़ें
भगवान शिव की मूर्ति या लिंग
shiva•puja-vidhi

शिव पूजा विधि — घर पर सरल अभिषेक

सोमवार, श्रावण या दैनिक स्मरण हेतु जल, बेलपत्र और आरती के साथ शिव पूजा की कोमल चरणबद्ध विधि।

और पढ़ें
shiva की मूर्ति
shiva•chalisa

शिव चालीसा

शिव चालीसा — स्तुति के चालीस हिंदी छंद। कब पाठ करें और भक्त से क्या अपेक्षा — संदर्भ सहित।

और पढ़ें
शिव की मूर्ति
shiva•bhajan

हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ — शिव भजन

बेल, चरण-धूल और तीन लोक का सरल शिव कीर्तन — सोमवार, श्रावण और महाशिवरात्रि पर गाया जाता है।

और पढ़ें
पूजा वेदी का चित्र
shiva•puja-vidhi

महामृत्युंजय जप विधि — संख्या, समय और गृह अनुशासन

महामृत्युंजय जप कैसे बैठें: संकल्प, रुद्राक्ष माला, पूर्व या उत्तर मुख, और 108 पाठ के बाद वैकल्पिक हवन।

और पढ़ें
देव चित्र
shiva•stories

महाशिवरात्रि कथा — विवाह रात्रि और व्याध का जागरण

फाल्गुन चतुर्दशी महा रात्रि क्यों: शिव–पार्वती विवाह, और वह व्याध जिसने अंधेरे में बेलपत्र गिराए।

और पढ़ें