parvati · aarti
पार्वती आरती
Parvati Aarti (पार्वती आरती)- जय पार्वती माता ,जय पार्वती माता । ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता ॥ॐ..॥
अंतिम अद्यतन: 2026-07-26

पार्वती आरती को अपनी दैनिक पूजा का हिस्सा बनाकर श्रद्धा से पाठें।
दीप जलाकर श्रद्धा से देवता के समक्ष यह आरती गाएँ।
आरती के बोल
जय पार्वती माता ,जय पार्वती माता ।
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता ॥ॐ..॥
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता ।
जग जननी जगदम्बा हरिहर गुण गाता ॥ॐ..॥
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा ।
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा ॥ॐ..॥
सतयुग रूपशील अति सुन्दर नाम सती कहलाता ।
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता ॥ॐ..॥
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता ।
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा ॥ॐ..॥
सृष्ट‍ि रूप तू ही है जननी शिव संग रंगराता ।
नंदी भृंगी बीन लही सारा जग मदमाता ॥ॐ..॥
देवन अरज करत हम चित को लाता ।
गावत दे दे ताली मन में रंगराता ॥ॐ..॥
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता ।
सदा सुखी नित रहता सुख संपति पाता ॥ॐ..॥
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
संबंधित लेख

करवा चौथ पूजा विधि — चंद्रोदय तक निर्जला व्रत
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, गुरुवार 29 अक्टूबर 2026: सरगी, स्वास्थ्य हो तो निर्जला दिन, गौरी पूजा, व्रत कथा, और पारण से पहले चंद्र अर्घ्य।
और पढ़ें
पार्वती चालीसा
पार्वती चालीसा — स्तुति के चालीस हिंदी छंद। कब पाठ करें और भक्त से क्या अपेक्षा — संदर्भ सहित।
और पढ़ें
संतान प्राप्ति शिव पूजा — शिव परिवार की आराधना
सोमवार को शिव के संग पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की पूजा; प्रदोष स्मरण; तथा यह याद कि चिकित्सकीय सलाह पहले है।
और पढ़ें
करवा चौथ आरती — जय पार्वती माता
करवा चौथ की संध्या पूजा में गाई जाने वाली आरती — जय पार्वती माता — थाली सजने के बाद, चंद्रोदय अर्घ्य से पहले।
और पढ़ें
करवा चौथ की सामग्री लिस्ट हिंदी में
29 अक्टूबर 2026 की करवा चौथ सामग्री हिंदी और अंग्रेज़ी में: मिट्टी का करवा, छलनी, दीप, रोली, और संध्या की थाली।
और पढ़ें
करवा चौथ सरगी टाइम 2026 — सूर्योदय से पहले क्या खाएँ
गुरुवार 29 अक्टूबर 2026 की सरगी: वरिष्ठ जो थाली सूर्योदय से पहले अलग रखें, फिर स्वास्थ्य हो तो चंद्रोदय तक निर्जला दिन।
और पढ़ें
करवा चौथ व्रत कथा — वीरावती और मिथ्या चंद्र
करवा चौथ पर वीरावती की गृह कथा: सात भाई, छलनी के पीछे मिथ्या चंद्र, और कथा में सच्चा चंद्रोदय जो पति को लौटाता है।
और पढ़ें