sai · aarti
साईं आरती
Sai baba aarti (श्री साईं बाबा की आरती) : आरती श्री साई गुरुवर की, परमानन्द सदा सुरवर की ।जाके कृपा विपुल सुखकारी ,दुःख-शोक, संकट भयहारी ॥
अंतिम अद्यतन: 2026-07-26

साईं आरती को अपनी दैनिक पूजा का हिस्सा बनाकर श्रद्धा से पाठें।
दीप जलाकर श्रद्धा से देवता के समक्ष यह आरती गाएँ।
आरती के बोल
आरती श्री साई गुरुवर की, परमानन्द सदा सुरवर की ।
जाके कृपा विपुल सुखकारी ,दुःख-शोक, संकट भयहारी ॥आरती श्री..॥
शिर्डी में अवतार रचाया ,चमत्कार से तत्व दिखाया ।
कितने भक्त शरण में आए वे ,सुख़ शांति निरंतर पाए ॥आरती श्री..॥
भाव धरे जो मन मैं जैसा ,साई का अनुभव हो वैसा ।
गुरु को उदी लगावे तन को ,समाधान लाभत उस तन को ॥आरती श्री..॥
साईं नाम सदा जो गावे ,सो फल जग में साश्वत पावे
गुरुवार सदा करे पूजा सेवा, उस पर कृपा करत गुरु देवा ॥आरती श्री..॥
राम ,कृष्ण,हनुमान रूप में ,दे दर्शन जानत जो मन में ।
विविध धरम के सेवक आते ,दर्शन कर इचित फल पाते ॥आरती श्री..॥
जय बोलो साई बाबा की ,जय बोलो अवधूत गुरु की
साई की आरती जो कोई गावे घर में ,बसी सुख़ मंगल पावे ॥आरती श्री..॥
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
संबंधित लेख

साईं चालीसा
साईं बाबा चालीसा — स्तुति के चालीस हिंदी छंद। कब पाठ करें और भक्त से क्या अपेक्षा — संदर्भ सहित।
और पढ़ें
लक्ष्मी गणेश आरती 2026: दीपावली क्रम, मंत्र (8 नवंबर)
रविवार 8 नवंबर 2026 की दीपावली लक्ष्मी–गणेश आरती का क्रम: पहले गणेश, फिर लक्ष्मी — पारंपरिक मंत्र और पूरी आरती के लिंक।
और पढ़ें
दुर्गा आरती — जय अम्बे गौरी
देवी अम्बे गौरी की स्तुति में क्लासिक दुर्गा आरती, दुष्टों का संहार करने वाली और आशीर्वाद देने वाली दिव्य माता।
और पढ़ें
दीपावली पूजा सामग्री लिस्ट हिंदी में
रविवार 8 नवंबर 2026 की दीपावली पूजा सामग्री हिंदी और अंग्रेज़ी में: लक्ष्मी–गणेश, दीप, सिक्के, मिष्ठान्न, और संध्या की थाली।
और पढ़ें
घटस्थापना विधि 2026 — घर पर कलश स्थापना
शरद नवरात्रि 2026 की घटस्थापना, 11 अक्टूबर: जौ, कलश, नारियल, संकल्प, और नौ रात्रियों का दीप।
और पढ़ें
नवरात्रि पूजा सामग्री लिस्ट — घर पर क्या रखें
2026 की नवरात्रि पूजा सामग्री लिस्ट हिंदी और अंग्रेज़ी में: कलश, जौ, रोली, दीप, पुष्प, और कन्या पूजन का भोजन।
और पढ़ें
नवरात्रि पूजा विधि — घटस्थापना से विजया दशमी तक
2026 हेतु पूर्ण गृह नवरात्रि मार्गदर्शिका: घटस्थापना, नौ नवदुर्गा संध्याएँ, व्रत नियम, कन्या पूजन, सप्तशती पाठ और विसर्जन।
और पढ़ें