lakshmi · puja-vidhi
महालक्ष्मी हवन विधि — धर्मयुक्त समृद्धि हेतु अग्नि अर्पण
महालक्ष्मी हेतु शुक्रवार गृह हवन: आचमन, घी आहुति, कमलगट्टा और तिल, श्रीसूक्त, तथा खीर पूर्णाहुति।
समय: 60–90 मिनट

महालक्ष्मी हवन तब रखा जाता है जब घर ऋण-व्याकुलता से मुक्ति और ईमानदार पर्याप्तता चाहता है। यह संग्रह का जादू नहीं। शुक्रवार, दीपावली के दिन और पूर्णिमा अग्नि के अनुकूल हैं।
सामग्री
- लक्ष्मी-गणेश चित्र, हवन कुंड, घी
- श्वेत तिल, कमलगट्टा, नारियल टुकड़े
- समापन आहुति हेतु खीर
- स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
- धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
पूजा के चरण
- 1
अग्नि विराजित करें
स्वच्छ भूमि पर कुंड रखें। रोली, अक्षत, मौली और पुष्प से पूजन करें। ॐ केशवाय नमः, ॐ नारायणाय नमः, ॐ माधवाय नमः से आचमन करें।
- 2
संकल्प और आवाहन
लक्ष्मी का आवाहन करें — किसी और के धन को लक्ष्य न बनाएँ। पाँच घी आहुति दें, फिर गौरी-गणेश और नवग्रह स्मरण करें।
- 3
मुख्य आहुति और पूर्णाहुति
तिल, कमलगट्टा, नारियल और घी मिलाएँ। शक्ति अनुसार 11, 21 या 51 आहुति दें। नारियल-घी पूर्णाहुति और खीर से समाप्त करें — श्रीसूक्त का स्मरण रहे। लक्ष्मी आरती करें।
मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या बड़ा कुंड आवश्यक है?
- छोटा गृह कुंड या केवल हवन हेतु धातु पात्र पर्याप्त है। सुरक्षा और हवा पहले है।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
संबंधित लेख

लक्ष्मी आरती — ॐ जय लक्ष्मी माता
माता लक्ष्मी की स्तुति में गाई जाने वाली प्रिय आरती, धन, समृद्धि और शुभ आशीर्वाद की दाता।
और पढ़ें
लक्ष्मी चालीसा
Maa Lakshmi Chalisa: मातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥
और पढ़ें
लक्ष्मी मंत्र
लक्ष्मी मंत्र ( Maa Laxmi Mantra)- ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम: ।।
और पढ़ें
लक्ष्मी पूजा विधि — सरल गृह पूजा
शुक्रवार, दीपावली या दैनिक समृद्धि पूजा हेतु घर पर लक्ष्मी पूजा की चरणबद्ध विधि।
और पढ़ें
कुबेर पूजा विधि — दिव्य कोषाध्यक्ष की गुरुवार आराधना
कुबेर हेतु गुरुवार विधि: पहले गणेश, जल कलश, रोली-अक्षत, और ॐ ह्रीं कुबेराय नमः।
और पढ़ें
धनतेरस पूजा विधि — त्रयोदशी पर धन्वंतरी और कुबेर
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी पर धन्वंतरी और कुबेर की गृह पूजा: प्रदोषकाल दीप, अर्पण, और दीपावली का शांत आरंभ।
और पढ़ें
अखंड रामायण पाठ विधि — अविरल गृह पाठ
परिवार अखंड रामचरितमानस या रामायण पाठ कैसे रखते हैं: पाली, वेदी नियम, समापन आरती और छोटा हवन।
और पढ़ें