अक्टूबर–नवंबर
धनतेरस
दीपों की त्रयोदशी — धन्वंतरी, कुबेर और दीपावली के प्रथम दीप।
धनतेरस दीपावली सप्ताह का द्वार है। घर दिव्य वैद्य धन्वंतरी और कुबेर का स्मरण करते हैं, संध्या दीप जलाते हैं, और आरोग्य सहित धर्मयुक्त धन की प्रार्थना करते हैं।
बैठक शांत हो: दो दीप, सरल मिष्ठान्न, और वह मन जो लोभ को आशीष न समझे।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
इस त्योहार के लिए पाठ

धनतेरस पूजा विधि — त्रयोदशी पर धन्वंतरी और कुबेर
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी पर धन्वंतरी और कुबेर की गृह पूजा: प्रदोषकाल दीप, अर्पण, और दीपावली का शांत आरंभ।
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धन्वंतरी आरती
श्री भगवान धन्वंतरि आरती (Shri Dhanwantari Aarti)- जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि जी देवा। जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।जय..।।
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धन्वंतरी मंत्र
Dhanvantari Mantra: ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतरये, ॐ धन्वंतरये नमः॥, धन्वंतरी स्तोत्रम्
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कुबेर आरती
श्री कुबेर जी आरती (Shri Kuber Ji Aarti)- ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे , स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे। शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे॥ ऊँ..॥
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कुबेर पूजा विधि — दिव्य कोषाध्यक्ष की गुरुवार आराधना
कुबेर हेतु गुरुवार विधि: पहले गणेश, जल कलश, रोली-अक्षत, और ॐ ह्रीं कुबेराय नमः।
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दीपावली लक्ष्मी पूजा विधि — पर्व रात्रि गाइड
घर हेतु व्यावहारिक दीपावली रात्रि लक्ष्मी–गणेश पूजा: सफाई, मुहूर्त अर्पण, आरती और परिवार के साथ प्रकाश बाँटना।
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