मुख्य सामग्री पर जाएँ

kuber · puja-vidhi

कुबेर पूजा विधि — दिव्य कोषाध्यक्ष की गुरुवार आराधना

कुबेर हेतु गुरुवार विधि: पहले गणेश, जल कलश, रोली-अक्षत, और ॐ ह्रीं कुबेराय नमः।

समय: 25–40 मिनट

पूजा वेदी का चित्र
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

कुबेर देवकोश के रक्षक हैं। गृहस्थ उन्हें संरक्षण हेतु स्मरण करते हैं — हथियाने हेतु नहीं। गुरुवार, धनतेरस और दीपावली संध्या बैठक के अनुकूल हैं।

सामग्री

  • कुबेर चित्र, सिक्के और जल कलश
  • श्वेत मिष्ठान्न, पुष्प, पान और सुपारी
  • स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
  • धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
व्हाट्सऐपटेलीग्राम

पूजा के चरण

  1. 1

    पहले गणेश, फिर कुबेर

    स्वच्छ वस्त्र पर कुबेर विराजित करें। पहले गणेश पूजें। शांत मन से कुबेर का आवाहन करें।

  2. 2

    कलश और अर्पण

    पास जल कलश रखें। पुष्प, फल, मिष्ठान्न, रोली और अक्षत अर्पित करें। दीप जलाएँ।

  3. 3

    जप और आरती

    ॐ ह्रीं कुबेराय नमः जपें। कुबेर आरती करें। रीति हो तो सप्ताह भर वेदी पर एक सिक्का रह सकता है।

मंत्र

ॐ ह्रीं कुबेराय नमः

व्हाट्सऐपटेलीग्राम

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या कुबेर पूजा केवल धनी करें?
नहीं। यह थोड़े या अधिक को निर्दयता बिना सँभालने की प्रार्थना है। घर के पास जो है उसी से आरंभ करें।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

संबंधित लेख

धन के देवता कुबेर
kuberaarti

कुबेर आरती

श्री कुबेर जी आरती (Shri Kuber Ji Aarti)- ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे , स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे। शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे॥ ऊँ..॥

और पढ़ें
धन के देवता कुबेर
kuberchalisa

कुबेर चालीसा

Shri Kuber Chalisa (श्री कुबेर चालीसा)- जैसे अटल हिमालय और जैसे अडिग सुमेर । ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै, अविचल खड़े कुबेर ॥

और पढ़ें
धन के देवता कुबेर
kubermantra

कुबेर मंत्र

kuber mantra: मनुजवाह्य विमानवरस्थितं गुरुडरत्नानिभं निधिनाकम।, ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये, ॐ वैश्रवणाय स्वाहा: ।

और पढ़ें
पूजा वेदी का चित्र
dhanvantaripuja-vidhi

धनतेरस पूजा विधि — त्रयोदशी पर धन्वंतरी और कुबेर

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी पर धन्वंतरी और कुबेर की गृह पूजा: प्रदोषकाल दीप, अर्पण, और दीपावली का शांत आरंभ।

और पढ़ें
देवी लक्ष्मी की मूर्ति
lakshmiaarti

लक्ष्मी आरती — ॐ जय लक्ष्मी माता

माता लक्ष्मी की स्तुति में गाई जाने वाली प्रिय आरती, धन, समृद्धि और शुभ आशीर्वाद की दाता।

और पढ़ें
मंदिर में गणेश की मूर्ति
ganeshaarti

गणेश आरती — जय गणेश देवा

प्रतिदिन की पूजा और त्योहारों में गाई जाने वाली प्रिय गणेश आरती, विघ्नहर्ता की स्तुति।

और पढ़ें
पूजा वेदी का चित्र
rampuja-vidhi

अखंड रामायण पाठ विधि — अविरल गृह पाठ

परिवार अखंड रामचरितमानस या रामायण पाठ कैसे रखते हैं: पाली, वेदी नियम, समापन आरती और छोटा हवन।

और पढ़ें