vishnu · stories
पद्मिनी एकादशी कथा — दुर्लभ अधिक मास एकादशी
अधिक मास की शुक्ल एकादशी, जो अधिक मास के संग ही आती है — अनेक यज्ञों के तुल्य कही गई व्रत।

पद्मिनी दुर्लभ है, जैसे अतिरिक्त मास वाले वर्ष में कमल। कथा अतिरिक्त कृतज्ञता माँगती है, अतिरिक्त अहंकार नहीं।
जब चांद्र वर्ष अधिक मास जोड़ता है, उसकी शुक्ल एकादशी पद्मिनी कहलाती है। कृष्ण–युधिष्ठिर संवाद फल को यज्ञ, तप और तीर्थ के योग जैसा कहता है — आश्चर्य की भाषा, व्यापार की नहीं। दिन दुर्लभ हो तो डींग का लोभ आता है। कथा डींग वर्जित करती है।
किसी भी विष्णु एकादशी की तरह रखें: सात्विक अन्न या वह व्रत जो पूरा हो, तुलसी, दान। इस वर्ष पद्मिनी न पड़े तो साधारण एकादशी पर्याप्त है। दुर्लभता पद नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- पद्मिनी कितने अंतर पर आती है?
- केवल अधिक मास में, प्रायः दो-तीन वर्ष में। पंचांग देखें; तिथि गढ़ें नहीं।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
संबंधित लेख

विष्णु आरती
Shri Vishnu Aarti (श्री विष्णु आरती )- ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥ॐ..॥
और पढ़ें
विष्णु चालीसा
श्री विष्णु चालीसा I Shree Vishnu Chalisa : विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय। कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय।।
और पढ़ें
विष्णु मंत्र
Vishnu Mantra To Chant: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, ॐ श्री परमात्मने नमः, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः
और पढ़ें
विष्णु पूजा विधि — गुरुवार गृह पूजा
विष्णु को प्रसन्न करने की गुरुवार विधि: तुलसी, पीला वस्त्र, सात्विक नैवेद्य और नारायण मंत्र।
और पढ़ें
विष्णु सहस्रनाम पाठ विधि — गुरुवार नाम-पाठ
घर पर सहस्र नाम कैसे पढ़ें: तुलसी, संकल्प, स्थिर गति, और फलाश्रुति के बाद आरती।
और पढ़ें
आमलकी एकादशी पूजा विधि — विष्णु और आँवला वृक्ष
फाल्गुन शुक्ल एकादशी विधि: विष्णु पूजा, आँवला अर्पण, वृक्ष पूजन, और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
और पढ़ें
अच्युतम केशवं कृष्ण दामोदरं — नाम भजन
अच्युत, केशव, कृष्ण और जानकीवल्लभ का नाम-भजन — राम नवमी, विजयादशमी और सुंदरकाण्ड बैठक में गाया जाता है।
और पढ़ें