vishnu · puja-vidhi
आमलकी एकादशी पूजा विधि — विष्णु और आँवला वृक्ष
फाल्गुन शुक्ल एकादशी विधि: विष्णु पूजा, आँवला अर्पण, वृक्ष पूजन, और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
समय: 35–55 मिनट

आमलकी एकादशी आँवला वृक्ष के संग विष्णु का सम्मान है — शुद्धि का सजीव स्मरण। सकें तो व्रत रखें, विष्णु ग्रंथ पढ़ें, और अतिरिक्त अन्न हो तो किसी को भोजन कराएँ।
सामग्री
- विष्णु चित्र, आँवला फल, और संभव हो तो आँवला वृक्ष
- तुलसी, लाल वस्त्र, सात्विक प्रसाद
- स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
- धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
पूजा के चरण
- 1
विष्णु वेदी
प्रातः स्नान के बाद लाल या पीले वस्त्र पर विष्णु विराजित करें। दीप जलाएँ। विष्णु सहस्रनाम या छोटा स्तोत्र पढ़ें।
- 2
आँवला अर्पण
तुलसी सहित आँवला नैवेद्य दें। वृक्ष पास हो तो छाल बिना हानि चंदन, पुष्प और अक्षत से पूजें।
- 3
आरती और अगले दिन पारण
विष्णु आरती करें। स्वास्थ्य अनुसार एकादशी व्रत रखें। द्वादशी पर सरल विष्णु नमस्कार के बाद पारण करें।
मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- पास आँवला वृक्ष न हो तो?
- बाजार का फल अर्पित करें और विष्णु पूजा रखें। वृक्ष सहायक है, ताला नहीं।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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