vishnu · mantra
विष्णु मंत्र
विष्णु मंत्र — विष्णु के जप व गृह स्मरण हेतु हिंदी पाठ, कब जपें मार्गदर्शन सहित।
अंतिम अद्यतन: 2026-09-18

यह मंत्र शांत मन से विष्णु स्मरण हेतु है। गुरुवार पर जपें; उतनी संख्या चुनें जितनी स्पष्ट उच्चारण से निभा सकें। जप ध्यान और भक्ति की साधना है — भौतिक फल का शॉर्टकट नहीं। नए हों तो विश्वसनीय बुजुर्ग या गुरु से ध्वनि सीखें।
सीधे बैठें, श्वास स्थिर करें, और थोड़े मौन के बाद आरंभ करें। माला हो तो रखें; अन्यथा अंगुलियों पर सावधानी से गिनें।
मंत्र पाठ
ॐ श्री परमात्मने नमः ।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ।
यस्य स्मरणमात्रेन जन्मसंसारबन्धनात्‌। विमुच्यते नमस्तमै विष्णवे प्रभविष्णवे ॥
स्वस्ति न इंद्रो वृद्धश्रवाः स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः ।
स्वस्ति नस्ताक्र्षयो अरिष्टनेमिः स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु॥
दन्ताभये चक्र दरो दधानं,कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया,लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे॥
शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्
विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।
वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः ।
जप गणक
विष्णु मंत्र
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- विष्णु मंत्र कब जपें?
गुरुवार पर, या नित्य पूजा में आरती से पहले/बाद।
- कितनी बार दोहराएँ?
ऐसी स्थिर लघु संख्या चुनें (जैसे ११, २१ या १०८) जिसे ध्यान से, शीघ्रता बिना पूरा कर सकें।
- क्या मानसिक जप चल सकता है?
हाँ — एकांत या रोग में उपांशु/मानसिक जप मान्य है; मन नाम पर रखें।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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