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vishnu · stories

अपरा एकादशी कथा — भारी दोष धोती एकादशी

ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी: बिना दिखावे रखा यह व्रत भारी पाप भी उठाता कहा जाता है।

देव चित्र
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

अपरा अर्थात् अनुपम। कथा स्वच्छ पट का वचन देती है — और स्वच्छ विधि माँगती है: व्रत के नीचे छिपी क्रूरता नहीं।

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संवाद अपरा को उस अंतरात्मा का स्नान कहता है जो सो नहीं सकती। व्याध, चोर, या क्रूर अधिकारी — क्षेत्रीय कथनों में — एकादशी बैठता, दोष नाम लेता, दोहराता नहीं। विष्णु नाम जल है; बदला कर्म तौलिया है।

गृहस्थ ज्येष्ठ की गर्मी में संक्षिप्त विष्णु पूजा और प्यासे को जल दान से रखते हैं। कथा का चमत्कार मिटा अतीत नहीं; वह भविष्य है जो अतीत की नकल नहीं करता।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या अपरा कानूनी या नैतिक सुधार की जगह लेती है?
नहीं। व्रत क्षमा-याचना और भरपाई के संग चलता है। जो व्रत हिंसा छिपाए वह अपरा नहीं।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

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