vishnu · puja-vidhi
गुरुवार केले के वृक्ष की पूजा — विष्णु, लक्ष्मी और गुरु
गुरुवार को केले के वृक्ष पर जल और पूजा क्यों होती है, तथा विष्णु, लक्ष्मी और बृहस्पति के सम्मान की सरल विधि।
अंतिम अद्यतन: 2026-09-14
समय: 20–35 मिनट

गुरुवार विष्णु और गुरु बृहस्पति का दिन है। कई घर केले के वृक्ष को उसी कृपा — और लक्ष्मी की उपस्थिति — का सजीव आसन मानते हैं। विधि कोमल है: जड़ में जल, एक धागा, और हरि का शांत नाम।
सामग्री
जो अभी बाकी है वही व्हाट्सऐप जाएगा — जो घर में है उसे टिक करें।
मुद्रित प्रति: pujasangrah.com — आपका पावन आध्यात्मिक साथी
पूजा के चरण
- 1
जड़ स्वच्छ करें
गुरुवार प्रातः स्नान के बाद पौधे के आसपास की घास हटाएँ। सकें तो पूर्व मुख रहें। तने को घायल न करें।
- 2
जल और धागा
जड़ में जल अर्पित करें। रीति हो तो मौली ढीली बाँधें। रोली-अक्षत और पुष्प रखें। विष्णु, लक्ष्मी और गुरु का साथ स्मरण करें।
- 3
जप और भोग
ॐ नमो नारायणाय या गुरु मंत्र जपें। केला अर्पित करें। विवाह में विलंब की प्रार्थना हो तो व्रत कोमल रखें — क्रोध में सौदा न बोलें।
- 4
घर की वेदी पर आरती
घर आकर विष्णु आरती या बृहस्पति आरती करें। केला प्रसाद रूप में बाँटें।
मंत्र
ॐ नमो नारायणाय। ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- केले का वृक्ष पास न हो तो क्या व्रत छूटता है?
गुरुवार को घर की वेदी पर विष्णु और गुरु की पूजा करें। वृक्ष का चित्र पर्याप्त है। जबरन रोपण से अधिक जीवित पौधों के प्रति कोमलता मायने रखती है।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
संबंधित लेख

विष्णु आरती
Shri Vishnu Aarti (श्री विष्णु आरती )- ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥ॐ..॥
और पढ़ें
विष्णु चालीसा
विष्णु चालीसा — स्तुति के चालीस हिंदी छंद। कब पाठ करें और भक्त से क्या अपेक्षा — संदर्भ सहित।
और पढ़ें
विष्णु मंत्र
विष्णु मंत्र — विष्णु के जप व गृह स्मरण हेतु हिंदी पाठ, कब जपें मार्गदर्शन सहित।
और पढ़ें
विष्णु पूजा विधि — गुरुवार गृह पूजा
गुरुवार गृह विष्णु पूजा विधि — तुलसी, पीला वस्त्र, सात्विक नैवेद्य और नारायण स्मरण; क्यों और कैसे स्पष्ट।
और पढ़ें
लक्ष्मी आरती — ॐ जय लक्ष्मी माता
माता लक्ष्मी की स्तुति में गाई जाने वाली प्रिय आरती, धन, समृद्धि और शुभ आशीर्वाद की दाता।
और पढ़ें
देव उठनी एकादशी विधि 2026: कथा, पारण, मुहूर्त (20 नवंबर)
प्रबोधिनी / देव उठनी एकादशी 2026: नई दिल्ली में शुक्रवार 20 नवंबर व्रत; पारण शनिवार 21 नवंबर दोपहर 1:11–3:18, हरि वासर बाद।
और पढ़ें
सत्यनारायण पूजा सामग्री लिस्ट — घर पर क्या रखें
सत्यनारायण पूजा सामग्री लिस्ट हिंदी और अंग्रेज़ी में: कलश, तुलसी, केला, शीरा, पंचामृत और कथा पुस्तक।
और पढ़ें