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दीर्घायु पूजा विधि — दीर्घ और उपयोगी जीवन हेतु पूजा
दीर्घायु हेतु गृह कर्म: महामृत्युंजय जप, वैकल्पिक सोमवार रुद्राभिषेक, तथा सूर्य या विष्णु स्मरण।
अंतिम अद्यतन: 2026-09-14
समय: 35–55 मिनट

दीर्घायु केवल वर्ष नहीं — वे वर्ष जो अभी सेवा कर सकें। शिव मंत्र, सूर्य हेतु दीप, और पूर्णिमा पर सत्यनारायण परिचित साथी हैं।
सामग्री
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पूजा के चरण
- 1
उषा या सोमवार बैठक
पूर्व मुख बैठें। शिव को जल अर्पित करें। जिस स्वास्थ्य की प्रार्थना है उसका नाम कहें।
- 2
महामृत्युंजय
11 या 108 बार जपें। शरीर सक्षम हो तो सोमवार रुद्राभिषेक या तिल-घी का छोटा अर्पण हो सकता है।
- 3
आरती से समापन
शिव आरती करें। व्यक्ति उपस्थित हो तो प्रसाद पहले उन्हें दें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या यह औषधि का स्थान ले सकता है?
नहीं। यह उपचार के संग चलता है। चिकित्सा विलंब भक्ति नहीं।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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