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shiva · mantra

शिव मंत्र

शिव मंत्र — शिव के जप व गृह स्मरण हेतु हिंदी पाठ, कब जपें मार्गदर्शन सहित।

अंतिम अद्यतन: 2026-09-18

shiva की मूर्ति
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

यह मंत्र शांत मन से शिव स्मरण हेतु है। सोमवार और श्रावण पर जपें; उतनी संख्या चुनें जितनी स्पष्ट उच्चारण से निभा सकें। जप ध्यान और भक्ति की साधना है — भौतिक फल का शॉर्टकट नहीं। नए हों तो विश्वसनीय बुजुर्ग या गुरु से ध्वनि सीखें।

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सीधे बैठें, श्वास स्थिर करें, और थोड़े मौन के बाद आरंभ करें। माला हो तो रखें; अन्यथा अंगुलियों पर सावधानी से गिनें।

मंत्र पाठ

ॐ नमः शिवाय।

ॐ त्र्यंम्बकम् यजामहे, सुगन्धिपुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान्, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।

ॐ ऐं ह्रीं शिव गौरीमय ह्रीं ऐं ऊं।

नमो नीलकण्ठाय।

ॐ पार्वतीपतये नमः।

ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।

ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा।

ऊर्ध्व भू फट्।

इं क्षं मं औं अं।

ॐ ऐं ह्रीं शिव गौरीमय ह्रीं ऐं ऊं।

ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्द्धनम्‌।

ऊँ नम: शम्भवाय च मयोभवाय च नम: शंकराय

च मयस्कराय च नम: शिवाय च शिवतराय च।

तव तत्वं न जानामि कीदृशोऽसि महेश्वर।

यादशोसि महादेव तादृशाय नमोनम:॥

करारचंद्रम वैका कायाजम कर्मगम वी

श्रवणनजम वा मनामम वैद परामहम

विहितम विहिताम वीए सर मेट मेटाट

क्षासव जे जे करुणाबधे श्री महादेव शंभो

ऊँ नम: शम्भवाय च मयोभवाय च नम:

शंकराय च मयस्कराय च नम: शिवाय च शिवतराय च।

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात।

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले

गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्।

डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं

चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥

नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय

नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:॥

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम् ।

सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं नमामि ।।

जप गणक

शिव मंत्र

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिव मंत्र कब जपें?

सोमवार और श्रावण पर, या नित्य पूजा में आरती से पहले/बाद।

कितनी बार दोहराएँ?

ऐसी स्थिर लघु संख्या चुनें (जैसे ११, २१ या १०८) जिसे ध्यान से, शीघ्रता बिना पूरा कर सकें।

क्या मानसिक जप चल सकता है?

हाँ — एकांत या रोग में उपांशु/मानसिक जप मान्य है; मन नाम पर रखें।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

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