shiva · mantra
शिव मंत्र
शिव मंत्र — शिव के जप व गृह स्मरण हेतु हिंदी पाठ, कब जपें मार्गदर्शन सहित।
अंतिम अद्यतन: 2026-09-18

यह मंत्र शांत मन से शिव स्मरण हेतु है। सोमवार और श्रावण पर जपें; उतनी संख्या चुनें जितनी स्पष्ट उच्चारण से निभा सकें। जप ध्यान और भक्ति की साधना है — भौतिक फल का शॉर्टकट नहीं। नए हों तो विश्वसनीय बुजुर्ग या गुरु से ध्वनि सीखें।
सीधे बैठें, श्वास स्थिर करें, और थोड़े मौन के बाद आरंभ करें। माला हो तो रखें; अन्यथा अंगुलियों पर सावधानी से गिनें।
मंत्र पाठ
ॐ नमः शिवाय।
ॐ त्र्यंम्बकम् यजामहे, सुगन्धिपुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।
ॐ ऐं ह्रीं शिव गौरीमय ह्रीं ऐं ऊं।
नमो नीलकण्ठाय।
ॐ पार्वतीपतये नमः।
ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा।
ऊर्ध्व भू फट्।
इं क्षं मं औं अं।
ॐ ऐं ह्रीं शिव गौरीमय ह्रीं ऐं ऊं।
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्द्धनम्‌।
ऊँ नम: शम्भवाय च मयोभवाय च नम: शंकराय
च मयस्कराय च नम: शिवाय च शिवतराय च।
तव तत्वं न जानामि कीदृशोऽसि महेश्वर।
यादशोसि महादेव तादृशाय नमोनम:॥
करारचंद्रम वैका कायाजम कर्मगम वी
श्रवणनजम वा मनामम वैद परामहम
विहितम विहिताम वीए सर मेट मेटाट
क्षासव जे जे करुणाबधे श्री महादेव शंभो
ऊँ नम: शम्भवाय च मयोभवाय च नम:
शंकराय च मयस्कराय च नम: शिवाय च शिवतराय च।
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात।
जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले
गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्।
डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं
चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्॥
नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:॥
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम् ।
सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं नमामि ।।
जप गणक
शिव मंत्र
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- शिव मंत्र कब जपें?
सोमवार और श्रावण पर, या नित्य पूजा में आरती से पहले/बाद।
- कितनी बार दोहराएँ?
ऐसी स्थिर लघु संख्या चुनें (जैसे ११, २१ या १०८) जिसे ध्यान से, शीघ्रता बिना पूरा कर सकें।
- क्या मानसिक जप चल सकता है?
हाँ — एकांत या रोग में उपांशु/मानसिक जप मान्य है; मन नाम पर रखें।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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