surya · mantra
सूर्य मंत्र
सूर्य मंत्र — सूर्य के जप व गृह स्मरण हेतु हिंदी पाठ, कब जपें मार्गदर्शन सहित।
अंतिम अद्यतन: 2026-09-18

यह मंत्र शांत मन से सूर्य स्मरण हेतु है। रविवार और प्रातः पर जपें; उतनी संख्या चुनें जितनी स्पष्ट उच्चारण से निभा सकें। जप ध्यान और भक्ति की साधना है — भौतिक फल का शॉर्टकट नहीं। नए हों तो विश्वसनीय बुजुर्ग या गुरु से ध्वनि सीखें।
सीधे बैठें, श्वास स्थिर करें, और थोड़े मौन के बाद आरंभ करें। माला हो तो रखें; अन्यथा अंगुलियों पर सावधानी से गिनें।
मंत्र पाठ
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर: ||
ऊँ आदित्याय विदमहे प्रभाकराय धीमहितन्न: सूर्य प्रचोदयात् ।
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घ्यं नमोस्तुतेl
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर: ||
ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।
ऊँ हृीं श्रीं आं ग्रहधिराजाय आदित्याय नमः।
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:।
ॐ घृणि सूर्याय नम: ।
जप गणक
सूर्य मंत्र
0
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- सूर्य मंत्र कब जपें?
रविवार और प्रातः पर, या नित्य पूजा में आरती से पहले/बाद।
- कितनी बार दोहराएँ?
ऐसी स्थिर लघु संख्या चुनें (जैसे ११, २१ या १०८) जिसे ध्यान से, शीघ्रता बिना पूरा कर सकें।
- क्या मानसिक जप चल सकता है?
हाँ — एकांत या रोग में उपांशु/मानसिक जप मान्य है; मन नाम पर रखें।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
संबंधित लेख

छठ पूजा विधि 2026 — 13 से 16 नवंबर
छठ पूजा 2026 की चार दिवसीय विधि: नहाय-खाय 13 नवंबर, खरना 14, संध्या अर्घ्य 15, उषा अर्घ्य 16 — बिहार और पूर्व।
और पढ़ें
सूर्य आरती
Surya dev aarti lyrics in hindi: सूर्य देव की आरती। जय कश्यप-नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन।त्रिभुवन-तिमिर-निकन्दन, भक्त-हृदय-चन्दन ॥
और पढ़ें
सूर्य चालीसा
सूर्य चालीसा — स्तुति के चालीस हिंदी छंद। कब पाठ करें और भक्त से क्या अपेक्षा — संदर्भ सहित।
और पढ़ें
छठ पूजा सामग्री लिस्ट हिंदी में
13–16 नवंबर 2026 की छठ पूजा सामग्री हिंदी और अंग्रेज़ी में: बाँस का सूप, ठेकुआ, गन्ना, फल, और अर्घ्य का जल।
और पढ़ें
जितिया आरती — ॐ जय कश्यप नन्दन (जीमूतवाहन पूजा)
जीवित्पुत्रिका (जितिया) संध्या पूजा में व्यापक रूप से गाई जाने वाली आरती — ॐ जय कश्यप नन्दन — व्रत रखने वाली माताओं हेतु बोल।
और पढ़ें
जितिया पूजा विधि — जीवित्पुत्रिका व्रत (नहाय-खाय से पारण)
आश्विन कृष्ण अष्टमी का तीन दिवसीय जितिया (जीवित्पुत्रिका) गाइड: नहाय-खाय, निर्जला खुर जितिया, जीमूतवाहन संध्या पूजा और सूर्योदय पारण।
और पढ़ें
जितिया व्रत कथा — जीमूतवाहन, चील और सियारिन
जीवित्पुत्रिका की दो आवश्यक कथाएँ: नागों हेतु राजा जीमूतवाहन का बलिदान, और सत्य व्रत की चील–सियारिन कथा।
और पढ़ें