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छठ पूजा विधि 2026 — 13 से 16 नवंबर
छठ पूजा 2026 की चार दिवसीय विधि: नहाय-खाय 13 नवंबर, खरना 14, संध्या अर्घ्य 15, उषा अर्घ्य 16 — बिहार और पूर्व।
अंतिम अद्यतन: 2026-10-22
समय: चार दिवसीय व्रत

छठ पूजा 2026 शुक्रवार 13 नवंबर से सोमवार 16 नवंबर तक है (कार्तिक शुक्ल षष्ठी)। नहाय-खाय 13, खरना 14, संध्या अर्घ्य रविवार 15 को सूर्यास्त पर, उषा अर्घ्य सोमवार 16 को सूर्योदय पर। पहले छठ पूजा सामग्री → जुटाएँ। नगर की घड़ी: 15 नवंबर पंचांग → · 16 नवंबर पंचांग →। हब छठ 2026 → है। सूप उठाने से पहले व्रत कथा → सुनें।
सामग्री
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मुद्रित प्रति: pujasangrah.com — आपका पावन आध्यात्मिक साथी
पूजा के चरण
- 1
दिन 1 — नहाय-खाय
स्नान करें, रसोई स्वच्छ करें, और पवित्र स्नान के बाद सात्विक भोजन बनाएँ। वही बना भोजन ग्रहण करें। व्रत रसोई से क्रोध और बासी अन्न दूर रखें।
- 2
दिन 2 — खरना
दिन भर व्रत रखें। संध्या में परिवार परंपरा अनुसार बिना नमक खीर-रोटी बनाएँ। सूर्य को अर्पित कर वही प्रसाद ग्रहण करें और निर्जला अवधि आरंभ करें।
- 3
दिन 3 — संध्या अर्घ्य
स्वच्छ नदी, तालाब या छत के जलपात्र तक सूप ले जाएँ। अस्त सूर्य की ओर खड़े हों। जल, फल और ठेकुआ अर्पित करें — मन छठी मईया पर रहे।
- 4
दिन 4 — उषा अर्घ्य और पारण
उषा से पहले उगते सूर्य को अर्घ्य दें। अर्पण के बाद प्रसाद बाँटें और कोमलता से पारण करें। अर्पण बिखेरकर न छोड़ें; श्रद्धा से घर ले आएँ।
मंत्र
ॐ सूर्याय नमः। ॐ छठी मईया नमः।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- छठ पूजा 2026 कब है?
शुक्रवार 13 नवंबर से सोमवार 16 नवंबर 2026। नहाय-खाय 13, खरना 14, संध्या अर्घ्य रविवार 15, उषा अर्घ्य सोमवार 16। हब छठ 2026 → है।
- नदी न हो तो क्या छत पर छठ हो सकता है?
हाँ। सूर्य की ओर खुला स्वच्छ जलपात्र प्रचलित है। रसोई, वाणी और समय की वही शुद्धि रखें।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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