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shiva · bhajan

हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ — शिव भजन

बेल, चरण-धूल और तीन लोक का सरल शिव कीर्तन — सोमवार, श्रावण और महाशिवरात्रि पर गाया जाता है।

शिव की मूर्ति

पहले जल या दूध अर्पित करें। टेक खड़े होकर गाएँ; अंतिम पद के बाद शिव चालीसा के लिए बैठें।

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शिवरात्रि की रात्रि से इसे छोटा रखें। छोटे अभिषेक के बाद टेक घर जोड़ने को पर्याप्त है। आरती और चार प्रहर जागरण अलग कार्य हैं; यह गीत केवल द्वार खोलता है।

भजन के बोल

शिव नाम से है, जगत में उजाला, हरी भक्तो के है, मन में शिवाला

हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ, तीनो लोक में तू ही तू

श्रद्धा सुमन मेरा, मन बेलपत्री, जीवन भी अर्पण कर दूँ

जग का स्वामी है तू, अंतरयामी है तू, मेरे जीवन की अनमिट कहानी है तू

तेरी शक्ति अपार, तेरा पावन है द्वार, तेरी पूजा ही मेरा जीवन आधार

धुल तेरे चरणों की ले कर, जीवन को साकार किया

मन में है कामना, कुछ मैं और जानू ना, ज़िन्दगी भर करू तेरी आराधना

सुख की पहचान दे, तू मुझे ज्ञान दे, प्रेम सब से करूँ ऐसा वरदान दे

तुने दिया बल निर्बल को, अज्ञानी को ज्ञान दिया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या श्रावण में यह शिव आरती की जगह लेता है?
नहीं। अभिषेक के बाद गाएँ, फिर शिव आरती। सोमवार व्रत दीप के साथ रहता है, केवल गीत से नहीं।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

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