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hanuman · puja-vidhi

नशा मुक्ति पूजा विधि — आंतरिक बल हेतु शिव और हनुमान

नशे से मुक्ति हेतु सहायक गृह साधना: मंगलवार हनुमान चालीसा, सोमवार शिव जप, और चिकित्सा के संग चलने वाला संकल्प — उसके स्थान पर नहीं।

समय: प्रतिदिन 25–40 मिनट

पूजा वेदी का चित्र
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

लालसा से बड़ी चीज़ जब इच्छा को थामती है तब आसक्ति शिथिल होती है। हनुमान साहस देते हैं; शिव मौन। यह विधि उपचार, पारिवारिक सत्य और चिकित्सक के वचन की संगिनी है।

सामग्री

  • हनुमान और शिव चित्र
  • मंगलवार हेतु सिंदूर; सोमवार हेतु बेलपत्र
  • स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
  • धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
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पूजा के चरण

  1. 1

    संकल्प बोलकर कहें

    जो आदत छोड़नी है उसका नाम लें। लज्जा बिना बल माँगें। जो सहायता कर सकते हैं उनसे संघर्ष न छिपाएँ।

  2. 2

    मंगलवार हनुमान

    सिंदूर अर्पित करें, हनुमान चालीसा पढ़ें, ॐ हनुमते नमः जपें। जिस वस्तु को छोड़ रहे हैं उस संध्या उससे दूर रहें।

  3. 3

    सोमवार शिव

    जल और बेल अर्पित करें। ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय बैठें। लालसा लहर की तरह आए और आप उसके पीछे न जाएँ।

मंत्र

ॐ हनुमते नमः। ॐ नमः शिवाय।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पूजा उपचार का विकल्प है?
नहीं। पूजा मन स्थिर करती है। निकासी और चिकित्सा को योग्य सहायता चाहिए। दोनों अपनाएँ।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

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