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करवा चौथ आरती — जय पार्वती माता
करवा चौथ की संध्या पूजा में गाई जाने वाली आरती — जय पार्वती माता — थाली सजने के बाद, चंद्रोदय अर्घ्य से पहले।
अंतिम अद्यतन: 2026-10-22

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 की करवा चौथ संध्या बैठक की आरती यही है। पद वही जय पार्वती माता हैं जो पार्वती आरती → में हैं; यहाँ इन्हें गौरी पूजा के बाद और चंद्र अर्घ्य से पहले गाते हैं। थाली सामग्री लिस्ट → से सजाएँ, वीरावती की कथा → सुनें, फिर नगर का चंद्रोदय 29 अक्टूबर पंचांग → पर देखें। दिन का क्रम पूजा विधि → में है।
घी का दीप जलाएँ और लौ के पास रहें। गाते हुए थाली धीरे वृत्ताकार घुमाएँ। सुबह की थाली, यदि कोई वरिष्ठ भेजें, सरगी → है। उत्सव पृष्ठ करवा चौथ → है।
आरती के बोल
जय पार्वती माता, जय पार्वती माता।
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता॥
अरिकुल पद्मा विनासनी, जय सेवक त्राता।
जग जननी जगदम्बा, हरिहर गुण गाता॥
सिंह को वाहन साजे, कुंडल हैं साथा।
देव वधु जहँ गावत, नृत्य कर ताथा॥
सतयुग रूपशील अति सुन्दर, नाम सती कहलाता।
हेमांचल घर जन्मी, सखियन रंगराता॥
शुम्भ निशुम्भ विदारे, हेमांचल सहाता।
सहस भुजा तनु धरिके, चक्र लियो हाथा॥
सृष्टि रूप तू ही है, जननी शिव संग रंगराता।
नंदी भृंगी बीन लही, सारा जग मदमाता॥
देवन अरज करत हम, चित्त को लाता।
गावत दे दे ताली, मन में रंगराता॥
श्री प्रताप आरती मैया की, जो कोई गाता।
सदा सुखी नित रहता, सुख संपत्ति पाता॥
इस आरती के संग मंत्र
ॐ गौरी शंकराय नमः।
अंतिम पद के बाद, यदि कथा बाकी हो तो सुनें, फिर सच्चे चंद्रोदय की प्रतीक्षा करें। अर्घ्य, छलनी और पारण विधि → में हैं। घर आगे गाए तो चालीस पद पार्वती चालीसा → हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या करवा चौथ आरती पार्वती आरती से भिन्न है?
बोल वही जय पार्वती माता हैं। करवा चौथ पर इन्हें संध्या की थाली पर गाते हैं, गौरी पूजा के बाद और चंद्र अर्घ्य से पहले। दैनिक स्तुति पार्वती आरती → पर है।
- 2026 में यह आरती कब गाएँ?
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 की संध्या को, दीप जलते ही। चंद्रोदय बाद में है और हर नगर में अलग घड़ी है — उसे 29 अक्टूबर पंचांग → पर पढ़ें, फिर अर्घ्य दें।
- इसे कौन गा सकता है?
घर का कोई भी। निर्जला व्रत प्रायः विवाहित स्त्रियाँ रखती हैं; स्तुति उन तक सीमित नहीं। व्रत की सीमा फिर भी स्वास्थ्य है — वह नियम विधि → में है।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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