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शरद पूर्णिमा पूजा विधि 2026 — चाँदनी में खीर

रविवार रात 25 अक्टूबर 2026 की शरद पूर्णिमा पूजा विधि: चाँदनी में खीर कब रखें, कोजागिरी लक्ष्मी पूजा और चंद्रोदय।

अंतिम अद्यतन: 2026-10-22

समय: संध्या बैठक, फिर खीर चाँदनी में

माँ लक्ष्मी की मूर्ति
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

शरद पूर्णिमा 2026 रविवार, 25 अक्टूबर की रात है। नई दिल्ली में पूर्णिमा उस दिन 11:56 IST से सोमवार 26 अक्टूबर 09:41 IST तक चलती है — इसलिए खीर रविवार रात रखें, सोमवार रात नहीं। नगर का चंद्रोदय शरद पूर्णिमा → की तालिका और 25 अक्टूबर पंचांग → पर है। यह रात क्यों रखते हैं: कोजागिरी कथा →। दीप लक्ष्मी आरती → से बंद करें।

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पूजा के चरण

  1. 1

    चाँदनी वाला स्थान स्वच्छ करें

    आँगन, छत या वह खिड़की झाड़ें जहाँ संध्या बाद चाँदनी पड़े। स्वच्छ वस्त्र बिछाएँ। लक्ष्मी को पूर्व या उत्तर की ओर विराजित करें। कृष्ण का दूसरा आसन व्रज–गुजरात रीति है, अनिवार्यता नहीं।

  2. 2

    संध्या तक खीर पकाएँ

    दिन में सादी दूध-चावल खीर बनाएँ। चंद्रोदय तक ढककर रखें। सोमवार रात न निकालें — नई दिल्ली में पूर्णिमा सोमवार सुबह समाप्त हो चुकी होती है।

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    संध्या बाद लक्ष्मी पूजा

    दीप जलाएँ। जल, रोली-अक्षत, पुष्प और धूप अर्पित करें। लक्ष्मी मंत्र → उतनी संख्या में जपें जितनी स्पष्ट रह सके। फिर ॐ जय लक्ष्मी माता → गाएँ।

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    चाँदनी में खीर रखें

    सच्चे चंद्रोदय के बाद खीर वहाँ खोलें जहाँ चाँदनी लगे। कीट-पशु से सुरक्षित हो तो रात भर छोड़ें। यही गृह रीति लोग “खीर कब रखें” पूछते हैं। नई दिल्ली में 25 अक्टूबर का चंद्रोदय 16:56 IST है — अपना नगर का घड़ी देखें।

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    जितना बन सके जागे रहें

    कोजागिरी का अर्थ है “कौन जागा है।” दीप रखें, लक्ष्मी चालीसा → या शांत बात के लिए बैठें, और शरीर माँगे तो विश्राम करें। यह निर्जला प्रतियोगिता नहीं। प्रातः खीर प्रसाद बाँटें।

मंत्र

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शरद पूर्णिमा 2026 25 या 26 अक्टूबर को है?

खीर की रात रविवार 25 अक्टूबर है। नई दिल्ली में पूर्णिमा 25 अक्टूबर 11:56 IST से 26 अक्टूबर 09:41 IST तक चलती है। सोमवार 26 अक्टूबर केवल सूर्योदय वाली सूची है। सोमवार रात की प्रतीक्षा न करें।

खीर कब रखें?

चंद्रोदय के बाद, जब पूर्णिमा चालू हो, उस थाल पर जहाँ चाँदनी पहुँचे। नई दिल्ली में 25 अक्टूबर 2026 का चंद्रोदय 16:56 IST है। आपके नगर का चंद्रोदय शरद पूर्णिमा हब → पर है।

कोजागिरी या कोजागरी पूर्णिमा क्या है?

यही आश्विन पूर्णिमा। नाम को जागर्ति से है — “कौन जागा है।” घर दीप रखते हैं और लक्ष्मी स्मरण करते हैं। मराठी पंचांग प्रायः कोजागिरी लिखते हैं।

क्या कुमार पूर्णिमा यही रात है?

ओडिशा में हाँ — कुमार पूर्णिमा / जांही ओषा इसी आश्विन पूर्णिमा पर है। अविवाहित स्त्रियाँ क्षेत्रीय बैठक रखती हैं; चंद्र और पूर्णिमा तिथि वही हैं।

क्या व्रत अनिवार्य है?

यह रात निर्जला व्रत से अधिक चंद्र, खीर और स्वास्थ्य अनुसार जागरण की है। परिवार व्रत रखे तो हलका सात्विक भोजन लें। चिकित्सक का वचन प्रदर्शन से बड़ा है।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

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