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रोग निवारण हवन विधि — उपचार के संग अग्नि कर्म
विनम्र आरोग्य हवन: महामृत्युंजय या धन्वंतरी स्मरण, घी आहुतियाँ, और कठोर सुरक्षा — औषधि का विकल्प नहीं।
अंतिम अद्यतन: 2026-09-14
समय: 45–75 मिनट

रोग हेतु अग्नि कर्म प्रार्थना है, नुस्खा नहीं। कुंड छोटा, कक्ष हवादार, चिकित्सक सूचित रखें। सोमवार या सूर्य काल प्रायः चुने जाते हैं।
सामग्री
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पूजा के चरण
- 1
आरोग्य संकल्प
व्यक्ति और आरोग्य इच्छा का नाम लें — किसी को शाप दिए बिना। गणेश, फिर शिव या धन्वंतरी का आवाहन करें।
- 2
आहुतियाँ
महामृत्युंजय या ॐ नमो भगवते धन्वंतरये के संग घी दें। संख्या विनम्र रखें: 11 या 21। धुआँ रोगी को कष्ट दे तो रोकें।
- 3
पूर्णाहुति और विश्राम
अग्नि सुरक्षित बुझाएँ। सुपाच्य प्रसाद बाँटें। रोगी विश्राम करे; उपस्थिति मजबूर न करें।
मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतरये।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- अग्नि के निकट कौन न बैठे?
शिशु, धुआँ-संवेदनशील श्वास वाले, और गंभीर रोगी स्वच्छ वायु में रहें — संकल्प में नाम से जुड़ें।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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