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shiva · puja-vidhi

रोग निवारण हवन विधि — उपचार के संग अग्नि कर्म

विनम्र आरोग्य हवन: महामृत्युंजय या धन्वंतरी स्मरण, घी आहुतियाँ, और कठोर सुरक्षा — औषधि का विकल्प नहीं।

समय: 45–75 मिनट

पूजा वेदी का चित्र
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

रोग हेतु अग्नि कर्म प्रार्थना है, नुस्खा नहीं। कुंड छोटा, कक्ष हवादार, चिकित्सक सूचित रखें। सोमवार या सूर्य काल प्रायः चुने जाते हैं।

सामग्री

  • छोटा हवन कुंड, घी, तिल, देवता अनुसार बेल या तुलसी
  • शिव या धन्वंतरी चित्र
  • स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
  • धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
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पूजा के चरण

  1. 1

    आरोग्य संकल्प

    व्यक्ति और आरोग्य इच्छा का नाम लें — किसी को शाप दिए बिना। गणेश, फिर शिव या धन्वंतरी का आवाहन करें।

  2. 2

    आहुतियाँ

    महामृत्युंजय या ॐ नमो भगवते धन्वंतरये के संग घी दें। संख्या विनम्र रखें: 11 या 21। धुआँ रोगी को कष्ट दे तो रोकें।

  3. 3

    पूर्णाहुति और विश्राम

    अग्नि सुरक्षित बुझाएँ। सुपाच्य प्रसाद बाँटें। रोगी विश्राम करे; उपस्थिति मजबूर न करें।

मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतरये।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अग्नि के निकट कौन न बैठे?
शिशु, धुआँ-संवेदनशील श्वास वाले, और गंभीर रोगी स्वच्छ वायु में रहें — संकल्प में नाम से जुड़ें।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

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