मुख्य सामग्री पर जाएँ

durga · puja-vidhi

गर्भ संस्कार विधि — कोमल गर्भकाल स्मरण

शांत गर्भकाल गृह साधना: सात्विक जीवन, संक्षिप्त दुर्गा या विष्णु जप, गीता श्रवण, और विश्राम — चिकित्सा का विकल्प नहीं।

समय: 15–25 मिनट

पूजा वेदी का चित्र
चित्र: विकिमीडिया कॉमन्स

गर्भ संस्कार यह पुरा भाव है कि गर्भ घर सुनता है। कक्ष कोमल, आहार स्वच्छ, मंत्र छोटे रखें। दाई या चिकित्सक की सलाह सर्वदा आगे है।

सामग्री

  • दुर्गा या विष्णु चित्र, गीता या कोमल स्तोत्र श्रवण
  • फल, दूध, और धुआँ सह्य हो तो छोटा दीप
  • स्वच्छ जल, रोली, अक्षत और फूल
  • धूप, घी या तेल दीप, कपूर और घंटी
व्हाट्सऐपटेलीग्राम

पूजा के चरण

  1. 1

    बिना तनाव बैठें

    आरामदायक आसन चुनें। चिकित्सक सहमत न हों तो लंबा व्रत, भारी हवन धुआँ और रात्रि-जागरण न करें।

  2. 2

    संक्षिप्त जप और श्रवण

    ॐ दुं दुर्गायै नमः या ॐ नमो नारायणाय एक माला या उससे कम जपें। कुछ गीता श्लोक कोमल स्वर में सुनें।

  3. 3

    आशीष, भय नहीं

    गर्भ की ओर आशीष बोलें, भय-कथा नहीं। शक्ति हो तो दुर्गा आरती से समाप्त करें।

व्हाट्सऐपटेलीग्राम

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किस मास से आरंभ करें?
जब गर्भ इतना स्थिर हो कि छोटी बैठक सहज हो। शीघ्र तपस्या का कोई पुरस्कार नहीं।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

संबंधित लेख

देवी दुर्गा की मूर्ति
durgaaarti

दुर्गा आरती — जय अम्बे गौरी

देवी अम्बे गौरी की स्तुति में क्लासिक दुर्गा आरती, दुष्टों का संहार करने वाली और आशीर्वाद देने वाली दिव्य माता।

और पढ़ें
durga की मूर्ति
durgamantra

दुर्गा मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मातृ-रूपेण संस्थिता। , सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके, ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे, ॐ शं शैलपुत्री देव्यै: नम:।

और पढ़ें
भगवान विष्णु अपने प्रतीकों के साथ
vishnuaarti

विष्णु आरती

Shri Vishnu Aarti (श्री विष्णु आरती )- ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥ॐ..॥

और पढ़ें
पूजा वेदी का चित्र
krishnapuja-vidhi

भगवद्गीता पाठ विधि — घर पर कैसे पढ़ें

शांत गीता बैठक के नियम: लकड़ी की चौकी, पूरे अध्याय, व्यर्थ बात नहीं, और अंतिम श्लोक के बाद आरती।

और पढ़ें
पूजा वेदी का चित्र
shivapuja-vidhi

संतान प्राप्ति शिव पूजा — शिव परिवार की आराधना

सोमवार को शिव के संग पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की पूजा; प्रदोष स्मरण; तथा यह याद कि चिकित्सकीय सलाह पहले है।

और पढ़ें
durga की मूर्ति
durgachalisa

दुर्गा चालीसा

श्री दुर्गा चालीसा पाठ (Durga Chalisa): नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥

और पढ़ें
पूजा वेदी का चित्र
rampuja-vidhi

अखंड रामायण पाठ विधि — अविरल गृह पाठ

परिवार अखंड रामचरितमानस या रामायण पाठ कैसे रखते हैं: पाली, वेदी नियम, समापन आरती और छोटा हवन।

और पढ़ें