saraswati · mantra
सरस्वती मंत्र
सरस्वती मंत्र — सरस्वती के जप व गृह स्मरण हेतु हिंदी पाठ, कब जपें मार्गदर्शन सहित।
अंतिम अद्यतन: 2026-09-18

यह मंत्र शांत मन से सरस्वती स्मरण हेतु है। वसंत पंचमी और अध्ययन दिवस पर जपें; उतनी संख्या चुनें जितनी स्पष्ट उच्चारण से निभा सकें। जप ध्यान और भक्ति की साधना है — भौतिक फल का शॉर्टकट नहीं। नए हों तो विश्वसनीय बुजुर्ग या गुरु से ध्वनि सीखें।
सीधे बैठें, श्वास स्थिर करें, और थोड़े मौन के बाद आरंभ करें। माला हो तो रखें; अन्यथा अंगुलियों पर सावधानी से गिनें।
मंत्र पाठ
ॐ सरस्वती मया दृष्ट्वा, वीणा पुस्तक धारणीम। हंस वाहिनी समायुक्ता मां विद्या दान करोतु में ऊॅं।।
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
शारदा शारदाभौम्वदना। वदनाम्बुजे।
सर्वदा सर्वदास्माकमं सन्निधिमं सन्निधिमं क्रिया तू ||
जप गणक
सरस्वती मंत्र
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- सरस्वती मंत्र कब जपें?
वसंत पंचमी और अध्ययन दिवस पर, या नित्य पूजा में आरती से पहले/बाद।
- कितनी बार दोहराएँ?
ऐसी स्थिर लघु संख्या चुनें (जैसे ११, २१ या १०८) जिसे ध्यान से, शीघ्रता बिना पूरा कर सकें।
- क्या मानसिक जप चल सकता है?
हाँ — एकांत या रोग में उपांशु/मानसिक जप मान्य है; मन नाम पर रखें।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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