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नई पुस्तक शुभारंभ पूजा — सरस्वती और गणेश
पुस्तक, कॉपी या अध्ययन ग्रंथ का शुभारंभ कैसे करें: गंगाजल, पीला या लाल वस्त्र, ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः, और आरती।
अंतिम अद्यतन: 2026-09-14
समय: 20–30 मिनट

नई पुस्तक ज्ञान का छोटा आरंभ है। लेखक, विद्यार्थी और प्रकाशक इसे सरस्वती और गणेश के आगे रखते हैं ताकि पहला पृष्ठ अहंकार बिना लिखा जाए।
सामग्री
जो अभी बाकी है वही व्हाट्सऐप जाएगा — जो घर में है उसे टिक करें।
मुद्रित प्रति: pujasangrah.com — आपका पावन आध्यात्मिक साथी
पूजा के चरण
- 1
शुद्धि और आसन
पुस्तक और स्थान पर स्वच्छ जल छिड़कें। ग्रंथ पीले या लाल वस्त्र पर रखें।
- 2
पहले गणेश, फिर सरस्वती
गणेश, फिर सरस्वती का आवाहन करें। पुस्तक के चारों ओर घी दीप जलाएँ। ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः जपें।
- 3
तिलक और आरती
कागज सहे तो आवरण पर हल्का हल्दी या कुमकुम तिलक करें। मिष्ठान्न अर्पित करें। सरस्वती आरती और गणेश आरती करें।
मंत्र
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः। ॐ गं गणपतये नमः।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या डिजिटल पुस्तक की भी पूजा हो?
मुद्रित पृष्ठ या यंत्र को वस्त्र पर रखें और वही मंत्र अर्पित करें। व्रत विनम्रता से ज्ञान आरंभ करने का है।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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