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ganesh · bhajan

गौरी नंदन तेरा वंदन — गणेश भजन

आरंभ, चतुर्थी और बिना रुकावट खुलने वाले कार्य हेतु प्रथम पूज्य गणेश भजन।

गणेश की मूर्ति

गणेश आरती से पहले गाएँ। रसोई चल रही हो तो एक मोदक या चुटकी चीनी पर्याप्त है।

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गणेश सबसे पहले इसलिए पूजे जाते हैं कि आगे का पाठ हल्का रहे। टेक दो बार, फिर माता-पिता के वर और मूषक वाहन वाले पद। चालीसा और चतुर्थी विधि बाद में हैं, बदले में नहीं।

भजन के बोल

गौरी नंदन तेरा वंदन, करता है संसार

तुझे सब प्रथम मनाते, प्रेम से तुझे बुलाते

मात पिता से तुमने ये वर पाया, इसलिए सारे जग ने प्रथम मनाया

मंगल काज में पड़ती है पहले तेरी दरकार

एकदन्त दयावन्त, चारभुजा धारी

मुस की सवारी तेरी, लगती है प्यारी

शुभ और लाभ के तुम हो दाता, रिद्धि सिद्धि के भरतार

लड्डुवन थाल जो भी भोग लगाते, उन भक्तों से बप्पा खुश हो जाते

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणेश पूजा में इसे कब गाएँ?
संकल्प के बाद, गणेश आरती से ठीक पहले या बाद। संकष्टी पर अंतिम टेक के बाद चंद्रोदय आरती हो सकती है।

आज का पंचांग

इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।

पंचांग गणना हो रही है…

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