vishnu · stories
मोक्षदा एकादशी कथा — राजा वैखानस का स्वप्न
मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी: राजा स्वप्न में पिता को यातना में देखता है, और व्रत का पुण्य पितर को मुक्त करता है।
अंतिम अद्यतन: 2026-09-14

मोक्षदा गीता जयंती काल खोलती है। इसकी कथा पीड़ित पितर की ओर पुण्य अर्पण की है।
गोकुल में वैखानस राज्य करता, प्रजा को पुत्रवत पालता। एक रात्रि उसने पिता को कर्म-लोक में जलते देखा। मुनि ने कहा: कुटुंब सहित मार्गशीर्ष एकादशी रखो, फल पिता के नाम अर्पित करो।
राजा ने व्रत बैठा, विष्णु नाम सुने, पुण्य अर्पित किया। पिता मुक्त होकर पुत्र को आशीष दे स्वच्छतर गगन की ओर गए। इसीलिए परिवार मोक्षदा पर पितर का नाम अभी भी फुसफुसाते हैं — स्वर्ग खरीदने को नहीं, विस्मरण से इनकार को।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या फल जीवित माता-पिता को अर्पित हो?
शास्त्रीय कथन दिवंगत पिता हेतु है। उस दिन जीवित माता-पिता पर कोमलता व्यर्थ नहीं जाती।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
संबंधित लेख

विष्णु आरती
Shri Vishnu Aarti (श्री विष्णु आरती )- ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥ॐ..॥
और पढ़ें
विष्णु चालीसा
विष्णु चालीसा — स्तुति के चालीस हिंदी छंद। कब पाठ करें और भक्त से क्या अपेक्षा — संदर्भ सहित।
और पढ़ें
विष्णु सहस्रनाम पाठ विधि — गुरुवार नाम-पाठ
घर पर सहस्र नाम कैसे पढ़ें: तुलसी, संकल्प, स्थिर गति, और फलाश्रुति के बाद आरती।
और पढ़ें
अपरा एकादशी कथा — भारी दोष धोती एकादशी
ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी: बिना दिखावे रखा यह व्रत भारी पाप भी उठाता कहा जाता है।
और पढ़ें
इंदिरा एकादशी कथा — यमपुरी में नारद
आश्विन कृष्ण एकादशी: राजा इंद्रसेन दशमी श्राद्ध और इस व्रत से पिता को यम-पीड़ा से मुक्त करते हैं।
और पढ़ें
पद्मिनी एकादशी कथा — दुर्लभ अधिक मास एकादशी
अधिक मास की शुक्ल एकादशी, जो अधिक मास के संग ही आती है — अनेक यज्ञों के तुल्य कही गई व्रत।
और पढ़ें
वरुथिनी एकादशी कथा — वैशाख कृष्ण का कवच
वैशाख कृष्ण एकादशी, महाभारत धारा में नामित: वह व्रत जो सौभाग्य को उतरने से बचाता है।
और पढ़ें