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तुलसी विवाह विधि 2026: सामग्री, शुभ मुहूर्त (21 नवंबर)
तुलसी विवाह 2026: शनिवार 21 नवंबर, कार्तिक शुक्ल द्वादशी। नई दिल्ली सूर्यास्त बाद संध्या; कुछ कुल देव उठनी 20 नवंबर को ब्याह करते हैं।
अंतिम अद्यतन: 2026-10-29
समय: संध्या बाद 40–70 मिनट

तुलसी विवाह 2026 **शनिवार 21 नवंबर**, कार्तिक शुक्ल द्वादशी (21 तारीख सूर्योदय पर द्वादशी)। ब्याह **स्थानीय सूर्यास्त बाद (प्रदोष)** रखें, राष्ट्रीय नकल नहीं। नई दिल्ली सूर्यास्त 21 नवंबर पंचांग → पर है। महाराष्ट्र और उत्तर के कई घर **देव उठनी संध्या, 20 नवंबर** ब्याह करते हैं — रीति हो तो कहें। सामग्री: तुलसी विवाह सामग्री →। एक दिन पहले: देव उठनी विधि →।
सामग्री
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तिथि का भेद (छिपाएँ नहीं)
यह पृष्ठ तुलसी विवाह **द्वादशी, 21 नवंबर 2026** पर रखता है। ग्रंथ प्रबोधिनी से कार्तिक पूर्णिमा तक कोई संध्या भी मानते हैं। 20 नवंबर की रीति यहाँ कही है। मिनट-दर-मिनट ब्याह हम नहीं छापते; अपने नगर के सूर्यास्त बाद, द्वादशी रहते बैठें।
ब्याह के चरण (घर)
- 1
पौधे का स्नान
जड़ पर जल दें, तना न छीलें। शालिग्राम या विष्णु चित्र स्वच्छ वस्त्र पर उसके पास रखें।
- 2
हल्दी, धागा, माला
गमले की किनारी पर हल्दी, जिन डंठलों को छोड़ सकें उन पर लाल धागा, छोटी माला। यह गृह ब्याह है, पंडाल नहीं।
- 3
सामर्थ्य अनुसार सप्तपदी
स्थान हो तो सात प्रदक्षिणा, नहीं तो एक शांत प्रदक्षिणा। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। समापन तुलसी आरती →।
मंत्र
ॐ वृन्दायै नमः। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- तुलसी विवाह 2026 कब है?
शनिवार 21 नवंबर (द्वादशी), सूर्यास्त बाद। कुछ कुल: शुक्रवार 20 नवंबर, देव उठनी।
- क्या पुरोहित चाहिए?
गृह गमले हेतु नहीं। दीप, धागा और विष्णु नाम पर्याप्त हैं।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
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