ganga · mantra
गंगा मंत्र
गंगा मंत्र — देवी गंगा की हिंदी स्तुति; हिंदू परंपरा में शुद्धि और क्षमा की पवित्र नदी।
अंतिम अद्यतन: 2026-09-18

गंगा पवित्र गंगा नदी की देवी-रूप में पूजी जाती हैं — शुद्धि, क्षमा और मुक्ति की माता। घर गंगाजल पूजा में रखें तो, गंगा दशहरा या सप्तमी पर, या नित्य नदी-कृपा स्मरण में मंत्र जपते हैं। दूर से भी सच्चा स्मरण शुद्धि का भाव रखता है — परंपरा ऐसा मानती है। जीवित नदी और देवी दोनों के प्रति आदर से पाठ करें।
गंगाजल रखें तो स्वच्छ व्यवहार से। पूर्व या वेदी की ओर जपें; प्रार्थना में नदी की रक्षा का दैनिक आदर भी रखें।
मंत्र पाठ
ॐ भागीरथी च विद्महे, विष्णु पदी च धीमहि! तन्नो गँगे प्रचोदयात् ||
जप गणक
गंगा मंत्र
0
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- गंगा मंत्र किसलिए है?
देवी गंगा का सम्मान और पवित्र नदी के प्रति शुद्धि, क्षमा व भक्ति का स्मरण हेतु।
- क्या जप के लिए गंगा किनारे होना आवश्यक है?
नहीं — श्रद्धा से घर का स्मरण व्यापक है; तीर्थ अतिरिक्त है जब संभव हो।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
संबंधित लेख

तुलसी आरती
Shri Tulsi Aarti | Shri Tulsi Aarti Lyrics In Hindi | जय तुलसी माता, मैय्या जय तुलसी माता।
और पढ़ें
विष्णु आरती
Shri Vishnu Aarti (श्री विष्णु आरती )- ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥ॐ..॥
और पढ़ें
गायत्री मंत्र
गायत्री मंत्र (ऋग्वेद ३.६२.१०) — हिंदी पाठ, अर्थ, और सवितृ की प्रार्थना कब गृहस्थ जपते हैं।
और पढ़ें
लक्ष्मी गणेश आरती 2026: दीपावली क्रम, मंत्र (8 नवंबर)
रविवार 8 नवंबर 2026 की दीपावली लक्ष्मी–गणेश आरती का क्रम: पहले गणेश, फिर लक्ष्मी — पारंपरिक मंत्र और पूरी आरती के लिंक।
और पढ़ें
दुर्गा आरती — जय अम्बे गौरी
देवी अम्बे गौरी की स्तुति में क्लासिक दुर्गा आरती, दुष्टों का संहार करने वाली और आशीर्वाद देने वाली दिव्य माता।
और पढ़ें
दीपावली पूजा सामग्री लिस्ट हिंदी में
रविवार 8 नवंबर 2026 की दीपावली पूजा सामग्री हिंदी और अंग्रेज़ी में: लक्ष्मी–गणेश, दीप, सिक्के, मिष्ठान्न, और संध्या की थाली।
और पढ़ें
घटस्थापना विधि 2026 — घर पर कलश स्थापना
शरद नवरात्रि 2026 की घटस्थापना, 11 अक्टूबर: जौ, कलश, नारियल, संकल्प, और नौ रात्रियों का दीप।
और पढ़ें