durga · puja-vidhi
दुर्गा पूजा विधि — माँ की गृह आराधना
नवरात्रि या जब भी माँ की रक्षा और शक्ति चाहें — दुर्गा पूजा की चरणबद्ध गृह विधि।

यह विधि गृह वेदी के लिए उपयुक्त है। स्थान शुद्ध रखें, स्वच्छ वस्त्र पहनें, और भक्ति से कोमल साहस के साथ आएँ।
पूजा के चरण
- 1
पवित्र स्थान तैयार करें
अच्छी तरह साफ करें। लाल वस्त्र बिछाएँ। माँ दुर्गा को पूर्व की ओर रखें। मूर्ति के पास छोटा कलश या दीप रखें।
- 2
संकल्प
दाहिने हाथ में जल लेकर अपना नाम बताएँ और परिवार की रक्षा, मन की स्पष्टता तथा कठिनाइयों का सामना बिना क्रूरता के करने की शक्ति माँगें।
- 3
आवाहन और अर्पण
'ॐ दुं दुर्गायै नमः' से माँ का आवाहन करें। जल, कुमकुम, अक्षत, पुष्प, धूप और दीप अर्पित करें। धीरे बोलें; शक्ति सच्चाई सुनती है।
- 4
चालीसा या स्तोत्र
दुर्गा चालीसा या संक्षिप्त दुर्गा मंत्र माला जपें। नवरात्रि में कई भक्त उस दिन के स्वरूप की संक्षिप्त कथा भी जोड़ते हैं।
- 5
आरती और प्रसाद
जलते दीप से दुर्गा आरती करें। कपूर अर्पित करें, पूर्ण प्रणाम करें, और प्रसाद बाँटें। कृतज्ञता के शांत क्षण के साथ समाप्त करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या पुरुष और महिला दोनों घर पर दुर्गा पूजा कर सकते हैं?
- हाँ। भक्ति में लिंग बाधा नहीं। स्वच्छ शरीर और सच्चे हृदय वाला कोई भी घर पर माँ की पूजा कर सकता है।
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