vishnu · stories
भाई दूज कथा — यमुना और यम
यम द्वितीया की गृह कथा: यमुना भाई यम को बुलाती हैं, तिलक लगाती हैं, और वह आशीष पाती हैं कि इस दिन बहन के घर आए भाई सुरक्षित रहें।
अंतिम अद्यतन: 2026-10-28

भाई दूज — बुधवार, 11 नवंबर 2026 — की प्रातः बैठक में तिलक के संग या उससे पहले यह कथा सुनी जाती है। यह यमुना और यम की गृह कथा है। दिन का क्रम विधि → में है। तिथि भाई दूज हब → पर है।
यमुना भाई को भोजन कराना चाहती थीं। यम, प्रयाण के स्वामी, मृतकों में व्यस्त थे और आए नहीं। उन्होंने फिर संदेश भेजा। कार्तिक शुक्ल द्वितीया को वे आए। यमुना ने स्नान कराया, तिलक लगाया, भोजन दिया, और उन्हें भूखा या बिना सम्मान के नहीं जाने दिया।
आशीष
प्रसन्न यम ने वर दिया कि जो भाई इस दिन बहन के घर जाए, तिलक ले, और उसके हाथ का अन्न खाए, वह अकाल मृत्यु से रक्षित रहे। इसीलिए तिथि यम द्वितीया कहलाती है, और घर भाई दूज को बहन की बैठक रखता है — उपहारों का बाजार नहीं। चरण भाई दूज विधि → में हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- 2026 में भाई दूज कथा कब सुनें?
बुधवार सुबह, 11 नवंबर, तिलक के संग। हब भाई दूज → है।
आज का पंचांग
इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
संबंधित लेख

भाई दूज विधि 2026 — 11 नवंबर, यम द्वितीया
भाई दूज 2026 बुधवार 11 नवंबर है: बहन का तिलक, भाई का आशीष, और द्वितीया रहते प्रातः यम द्वितीया।
और पढ़ें
विष्णु आरती
Shri Vishnu Aarti (श्री विष्णु आरती )- ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥ॐ..॥
और पढ़ें
दीपावली पूजा विधि 2026 — लक्ष्मी पूजा, 8 नवंबर
रविवार 8 नवंबर 2026 की दीपावली लक्ष्मी पूजा विधि: घर की सफाई, संध्या मुहूर्त, लक्ष्मी–गणेश अर्पण और आरती।
और पढ़ें
गोवर्धन पूजा विधि 2026 — अन्नकूट, 10 नवंबर
मंगलवार 10 नवंबर 2026 की गोवर्धन पूजा और अन्नकूट विधि: सात्विक अन्न का पर्वत, कृष्ण, और प्रातः बैठक।
और पढ़ें
यम दीपदान विधि 2026: धनतेरस संध्या, मुहूर्त (6 नवंबर)
यम दीपदान 2026: नई दिल्ली में यम दीपम धनतेरस, शुक्रवार 6 नवंबर — दक्षिण दिशा में तिल-तेल दीप, दुकान का अनुष्ठान नहीं।
और पढ़ें
सत्यनारायण पूजा सामग्री लिस्ट — घर पर क्या रखें
सत्यनारायण पूजा सामग्री लिस्ट हिंदी और अंग्रेज़ी में: कलश, तुलसी, केला, शीरा, पंचामृत और कथा पुस्तक।
और पढ़ें
सत्यनारायण पूजा विधि — गृह कथा अनुष्ठान
सत्यनारायण पूजा की स्पष्ट गृह विधि — संकल्प, अर्पण, कथा श्रवण और व्रत-उत्सव हेतु प्रसाद वितरण।
और पढ़ें