कर्म, धैर्य और अनुशासन के स्वामी
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इस पाठ के लिए तिथि, मुहूर्त और आज के पर्व।
Shani Dev Aarti (आरती: श्री शनिदेव जी)- जय जय श्री शनिदेव ,भक्तन हितकारी। सूर्य के पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥
शनि चालीसा — स्तुति के चालीस हिंदी छंद। कब पाठ करें और भक्त से क्या अपेक्षा — संदर्भ सहित।
शनि मंत्र — शनि के जप व गृह स्मरण हेतु हिंदी पाठ, कब जपें मार्गदर्शन सहित।